GLA University : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित गणेश लाल अग्रवाल (जीएलए यूनिवर्सिटी) में ओरिएंटेशन सत्र के साथ ऑनलाइन एजुकेशन के नए बैच की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर प्रियम गुप्ता ने किया। इस आयोजन में नए छात्रों को विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और सहपाठियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला। साथ ही, उन्हें डिजिटल लर्निंग टूल्स और ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं। इस खास मौके पर मुख्य रूप से एमबीए, एमसीए, बीसीए, बीबीए और बी.कॉम (ऑनर्स) के छात्र मौजूद रहे। इनके साथ ही डीन एकेडमिक प्रोफेसर आशीष शर्मा, सीओई डॉ. अतुल बंसल, डीएसडब्ल्यू डॉ. हिमांशु शर्मा, खुशबू श्रीवास्तव, मुकुल महाजन, दीपक चौधरी, चंद्रिका आनंद और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।
जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता ने किया छात्रों और अतिथियों का मार्गदर्शन
ऑनलाइन एजुकेशन के इस नए सत्र की शुरुआत जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता द्वारा की गई। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और अतिथियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा, ‘छात्रों को सिर्फ डिग्री पाने के लिए नहीं पढ़ना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान, व्यक्तित्व, व्यवहार और हुनर को लगातार निखारना चाहिए। आज के कॉम्पिटिशन के दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं है, इसके साथ अच्छी बातचीत की कला , तकनीकी समझ, व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास होना भी जरूरी है।’ कुलपति ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के जरिए छात्र अपनी सुविधा के अनुसार बेस्ट एजुकेशन पा सकते हैं। यूनिवर्सिटी का मकसद छात्रों को सिर्फ ऑनलाइन क्लासेज देना ही नहीं, बल्कि उन्हें मास्टर क्लास, एक्सपर्ट लेक्चर, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, ट्रेनिंग प्रोग्राम और स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप से जोड़कर उनका पूरा विकास करना है।
GLA यूनिवर्सिटी के CEO और मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल ने बच्चों को दी प्रेरणा
GLA यूनिवर्सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल ने भी छात्रों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि, ‘दुनिया अक्सर व्यक्ति को यह बताती है कि वह क्या नहीं कर सकता, वह छोटे शहर या छोटे परिवार से है, इसलिए बड़े लक्ष्य हासिल करना उसके लिए मुश्किल है। लेकिन सफलता वहीं से शुरू होती है, जहां व्यक्ति इन सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय उनसे बाहर निकलने का साहस करता है। ‘
यूनिवर्सिटी छात्रों को प्लेसमेंट दिलाने के लिए कर रही अहम काम
गणेश लाल अग्रवाल यूनिवर्सिटी के प्रमुख नीरज अग्रवाल ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उठाए जा रहे अहम कदमों की जानकारी दी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी का विज़न साझा किया और कहा, ‘हमारी टीम ऑनलाइन पढ़ रहे छात्रों के रोजगार पर खास ध्यान दे रही है। यूनिवर्सिटी ने साल 2026 में 900 कंपनियों को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले साल यह संख्या 650 थी। आने वाले समय में ऑनलाइन छात्रों के लिए भी अलग से 100 से 200 कंपनियों को जोड़ने की खास रणनीति बनाई जा रही है।’ उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी छात्रों को प्लेसमेंट दिलाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। जो छात्र वास्तव में रोजगार पाकर अपने सपनों को सच करना चाहते हैं, वे जीएलए से जुड़ सकते हैं, क्योंकि यूनिवर्सिटी की टीम हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार है।
कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल का सपना हो रहा पूरा
वहीं, जीएलए के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि, ‘ऑनलाइन शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों में कोई उद्यमी है, तो कोई किसी न किसी कंपनी में उच्च पद पर आसीन है। कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने साल 1998 में जीएलए इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी और उनका सपना देश में उच्चकोटि का विश्वविद्यालय स्थापित करना था, जहां छात्र-छात्राएं अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा कर सकें।’ आज हम इसी उद्देश्य को पूरा करने की तरफ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।







