Allu Sirish: सगाई में महिलाओं जैसा चोकर पहनने पर पहली बार बोला अल्लू अर्जुन का भाई, दिया मुंहतोड़ जवाब

Allu Sirish: साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन के छोटे भाई अल्लू सिरीश की शादी और सगाई दोनों ही विरोधियों के निशाने पर रही हैं। ट्रोलर्स ने उनकी ज्वेलरी को लेकर ट्रोल किया है। अब इसका जवाब उनके द्वारा दिया गया है।

Allu Sirish

Picture Credit: Google

Allu Sirish: साउथ सिनेमा में पुष्पा के नाम से मशहूर अल्लू अर्जुन के छोटे भाई अल्लू सिरीश की शादी 6 मार्च 2026 को हुई है। उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड नयनिका रेड्डी के शादी रचाई है। हैदराबाद में हुए भव्य समारोह में कई बड़ी हस्तियां पहुंची हैं। अल्लू सिरीश खबरों में चल ही रहे थे तभी उन्होंने अपने सगाई और शादी के लुक और ज्वेलरी को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया। जिसकी वजह से ट्रोलर्स का तो मुंह बंद हो गया है। वहीं, फैंस खुश हो गए हैं। दरअसल,  उन्होंने शादी में जो कपड़े और ज्वेलरी पहनी हुई थी उसकी तुलना कुछ लोग महिलाओं से कर रहे थे। इसी कारण उनकी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलनिंग हुई थी।

अल्लू अर्जुन के भाई Allu Sirish ट्रोलर्स के निशाने पर क्यों आए? 

आपको बता दें, अल्लू सिरीश ने अपनी शादी में इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहने हुए थे। इसके साथ ही उनके गले में महिलाओं के चोकर की तरह दिखने वाला नेकलेस था। उनकी गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी स्टाइल को बढ़ा रही है। लेकिन ट्रोलर्स को हजम नहीं हो रही है। इतना ही नहीं साल 2025 में हुई सगाई में भी एक्टर ने शेरवानी के साथ हीरे का चोकर पहना था। जिसके कारण लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया था और  उन पर जमकर मीम बनाए थे। लेकिन अब एक्टर ने अपने ट्रोलर्स को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

अल्लू सिरीश ने विरोधियों का मुंह किया बंद

अल्लू सिरीश ने मीडिया चैनल से बात करते हुए बताया कि, अब समय आ गया है ,जब हम फैशन को लेकर अपनी सोच बदलें। एक्टर ने पुराने जमाने में राजा-महाराजाओं के द्वारा पहने जानी वाली ज्वेलरी का हवाला देते हुए कहा कि, पहले भी आदमी ज्वेलरी पहनते थे। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, 900 सालों पहले तक तो कोई जानता तक नहीं था कि, आदमी और औरतों के अलग-अलग पफ्यूम भी होते हैं। लेकिन अब लोगों ने महिलाओंऔर पुरुषों को अलग-अलग कैटेगिरी में बांट दिया है। जैसे लड़के सिर्फ ब्लू पहने सकते हैं और लड़कियों के लिए पिंक कलर बना है। उन्होंने अपने मैरिज और सगाई में जो भी पहना है वो अपनी मर्जी से किया है। बदलाव किसी ना किसी को करना ही पड़ेगा, बहुत सारे लोगों को उनका ये करना अच्छा नहीं लगा , लेकिन अगर खुद ही चेंज नहीं करेंगे तो कैसे बदलाव आएगा। आदमियों को महिलाओं के मुकाबले ज्यादा प्रयोग करने के मौके नहीं मिले हैं। यही वजह है कि, उनके प्रयोग लिमिटेड रह गए।

 

 

 

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