Disha Salian Case: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। लगभग 6 साल से यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा है और इसमें जांच भी जा रही है। हालांकि केस को बंद कर दिया गया था लेकिन अब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक अब सीबीआई की तरफ से जांच की जाएगी। बीते दिन दिशा सालियान के पिता से लगभग 4 घंटे तक पूछताछ की गई और अब नए सिरे से जांच की खबर सामने आई। कथित तौर पर सूरज पंचोली का भी जिक्र हुआ और अब एक्टर ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।
Disha Salian Case में लगाए गए ये गंभीर आरोप
कथित तौर पर दिशा सालियान मामले में FIR की कॉपी भी वायरल हो रही है जिसमें कहा गया, “तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे के पिता, और अन्य लोगों ने भी इस षड्यंत्र और उसके बाद मामले को दबाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संबंधित लोक सेवकों और पुलिस अधिकारियों पर भी मामले के कागजात, फाइलें और अन्य सार्वजनिक अभिलेखों को नष्ट करने या दबाने, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी करने और गैरकानूनी उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक धन, जनशक्ति और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करने तथा अपराधियों को संरक्षण देने के लिए जांच की जा सकती है।”
दिशा सालियान मौत में इन दिग्गजों का नाम आया सामने
मुख्य अपराधों को अंजाम देने, आपराधिक साजिश रचने, झूठी आत्महत्या की कहानी गढ़ने और फैलाने, और सबूतों को दबाने, नष्ट करने और/या गढ़ने में जिनकी भूमिका की जांच आवश्यक है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के अंगरक्षक, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, एपीआई अशोक देवधे, पीआई जगदेव कलापद, पीआई शैलेंद्र नागरकर, पीआई चिमाजी अधव, पीआई अर्जुन राजने, मालवानी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारी, विलंबित पोस्टमार्टम से संबंधित डॉक्टर और कर्मचारी, डॉ. संजय जाधव, कलिना स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के संबंधित अधिकारी, जिनमें सहायक रासायनिक विश्लेषक एन. पी. भाले, तत्कालीन संबंधित पीआई और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल है।।
क्या दिशा सालियान मामले की नहीं हुई तह तक जांच
वहीं दिशा के इस एफआईआर कॉपी में रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड, जिनमें सुशील कुमार यादव और शिवमुराद गौतम उर्फ मुन्ना शामिल हैं। प्रीति राणे, प्रवीण राणे, अंकिता सतूर, इंद्रनील वैद्य, दीप अजमेरा, हिमांशु शिखारे, रेशा पडवाल, सतवंत सिंह, नावेद मुजावर और प्रियेश राणे; एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य, जिनमें वे सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं जिनकी देखरेख में गलत जांच/पड़ताल की गई थी; और अपराध करने और बाद में उसे छिपाने में शामिल अन्य अज्ञात व्यक्ति।
दिशा सालियान से मुलाकात पर सूरज पंचोली का खुलासा
दूसरी तरफ सूरज पंचोली में इस पर चुप्पी तोड़ी और कहा, “प्लीज़ पढ़ें क्योंकि मुझे यकीन है कि मीडिया इसे कवर नहीं करेगा। मैंने इसे इसलिए बताने का फ़ैसला किया है क्योंकि मुझे लगता है कि कुछ बातें पब्लिक डोमेन में साफ़-साफ़ रखना ज़रूरी है। पिछले कुछ सालों से, मेरा नाम अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों के ज़रिए स्वर्गीय दिशा सालियन की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े विवाद में घसीटा जा रहा है। मैं यह ज़ोर से और बहुत साफ़-साफ़ कहना चाहता हूं। मैं अपनी ज़िंदगी में कभी भी स्वर्गीय दिशा सालियन से, सीधे या इनडायरेक्टली नहीं मिला हूं। मैं अपनी ज़िंदगी में कभी भी आदित्य ठाकरे से नहीं मिला हूं!”
जांच को लेकर क्या बोले सूरज पंचोली
सूरज ने आगे कहा, “सच कहूं तो, यह बहुत गलत और बहुत परेशान करने वाला है कि मेरा नाम किसी ऐसी चीज़ में घसीटा जा रहा है जिससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है, खासकर तब जब इस मामले से मुझे जोड़ने वाला कोई सबूत या प्रूफ़ नहीं है। इस मामले के बारे में, CBI/पुलिस पहले ही मेरी जांच कर चुकी है और एजेंसियों ने लगभग 4-5 साल पहले मेरा स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया था। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। अगर किसी जांच एजेंसी को लगता है कि उन्हें मुझसे फिर से पूछताछ करने या मुझसे कोई और जानकारी चाहिए, तो मैं पूरी तरह से सहयोग करने और किसी भी जांच के लिए खुद को उपलब्ध कराने को तैयार हूं।”
दिशा सालियान मामले को लेकर सूरज ने मीडिया पर फोड़ा ठीकरा
एक्टर ने आगे कहा, “मैं दिवंगत दिशा सालियान की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े हालात की निष्पक्ष और पूरी CBI जाँच का पुरज़ोर समर्थन करता हूँ। साथ ही, मेरा यह भी मानना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के इर्द-गिर्द बनाए जा रहे गलत प्रोपेगैंडा और झूठी कहानियों की भी जाँच होनी चाहिए क्योंकि किसी की मौत कभी भी बिना सबूत के किसी दूसरे व्यक्ति की इज़्ज़त खराब करने का कारण नहीं बननी चाहिए। और जो भी यह पढ़ रहा है, प्लीज़ न्यूज़ या सोशल मीडिया पर जो कुछ भी आप देखते हैं, उस पर विश्वास न करें! एक हेडलाइन सबूत नहीं है। एक बहस सबूत नहीं है।”
इन्वेस्टिगेशन को लेकर क्या बोले एक्टर
सूरज पंचोली ने कहा, “कोई टेलीविज़न पर कुछ कह दे, तो वह सच नहीं हो जाता। किसी की ज़िंदगी और कैरेक्टर के बारे में राय बनाने से पहले प्लीज़ चीज़ों को वेरिफ़ाई कर लें। मुझे कानून पर भरोसा है। मुझे इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों पर भरोसा है। और मुझे भरोसा है कि आख़िरकार, सच सामने आएगा। सच को बोलने दो। इन्वेस्टिगेशन को बोलने दो। सच को बोलने दो। जय हिंद।”
साल 2013 में जिया खान की आत्महत्या के बाद सूरज पंचोली पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगा था और इस वजह से उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। कथित तौर पर जिया के साथ उस समय वह रिलेशनशिप में थे। लंबे समय तक जांच चलने के बाद उन्हें नॉट गिल्टी करार दिया गया।
