Ghuskhor Pandit Controversy: पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और अवध समेत देश के विभिन्न हिस्सों में एक नई वेब सीरीज को लेकर बवाल मचा है। यहां बात ‘घूसखोर पंडत’ के संदर्भ में हो रही है जिसमें मनोज बाजपेयी अभिनय कर रहे हैं। इस नई वेब सीरीज को लेकर आगरा में ब्राह्मण समाज के लोगों ने अनूठा विरोध प्रदर्शन किया।
ब्राह्मण समाज से जुड़े लोग अर्धनग्न होकर सड़क पर उतरे और मनोज बाजपेयी के साथ प्रोड्यूसर नीरज पांडे के खिलाफ नारेबाजी की। लखनऊ में भी हजरतगंज पुलिस स्टेशन में इसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तक की प्रतिक्रिया सामने आई। आगरा में हुए अनूठे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा वीडियो सुर्खियां बटोर रहा है और इसको लेकर खूब खबरें बन रही हैं।
अर्धनग्न होकर सड़क पर उतरा ब्राह्मण समाज – Ghuskhor Pandit Controversy
आगरा में आज नई वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रिया राजपुत नामक एक्स हैंडल यूजर ने इस प्रदर्शन से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया है।
आगरा में घूसखोर पंडित के विरोध में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते ब्राह्मण समाज के लोग pic.twitter.com/imrBpJOlzJ
— Priya singh (@priyarajputlive) February 7, 2026
सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे इस वीडियो में ब्राह्मण समाज के लोग अर्धनग्न होकर सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान अभिनेता मनोज बाजपेयी और प्रोड्यूसर नीरज पांडे के खिलाफ नारेबाजी भी हो रही है। नई वेब सीरीज में जातिसूचक शब्द होने का आरोप लगाकर चल रहे इस अनूठे विरोध प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। सुर्खियों में छाए इस वीडियो को लेकर खूब प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।
लखनऊ के सियासी गलियारों में भी घूसखोर पंडत की चर्चा!
राजधानी लखनऊ के सियासी गलियारों में भी घूसखोर पंडत की चर्चा हो चुकी है। सूबे के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने वेब सीरीज के शीर्षक की आलोचना की है। उनका कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मण समाज को अनुचित तरीके से इंगित कर आगामी समय में रिलीज को प्रस्तावित घूसखोर पंडत शीर्षक फिल्म वर्ग विशेष की भावनाओं को आहत करने वाली थी।
डिप्टी सीएम के मुताबिक उनके निवेदन पर ही केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स को आदेश जारी कर टीजर और उससे जुड़ा कंटेंट हटाने को कहा है। बसपा प्रमुख मायावती से लेकर अन्य तमाम दिग्गजों ने भी इसकी आलोचना की है। यही वजह है कि लखनऊ के सियासी गलियारों का पारा एक बार फिर चढ़ता नजर आ रहा है।






