Shekhar Kapur: लगभग 43 साल पहले बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म मासूम आई थी जिसकी कहानी आज भी लोगों को इमोशनल कर देती है। क्या आपको पता है कि पहले यह सिनेमा हॉल में ब्लैक मार्केटिंग की भेंट चढ़ गई थी। इसे देखने के लिए सिर्फ 2 लोग पहुंचे थे। सालों बाद डायरेक्टर शेखर कपूर ने इसे लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए जो लोगों के दिल और दिमाग को हिला देने के लिए काफी है। कल्ट फिल्म की सक्सेस आसान नहीं रही और यही वजह है कि मासूम द नेक्स्ट जेनरेशन बनाने से पहले फिल्म को लेकर डायरेक्टर ने बड़ा खुलासा किया है।
मासूम देखने पहुंचे थे सिर्फ 2 लोग
Throw back pic from my first film, Masoom.
On the first day of release, I went to the main theatre … and there were only two people in the whole cinema hall.. and one of them was me !
Those days ‘black marketing’ of cinema tickets was really prelavent .. young men, or even… pic.twitter.com/FyqT3iFlnx
— Shekhar Kapur (@shekharkapur) February 9, 2026
शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर एक तस्वीर शेयर कर लिखा, “मेरी पहली फ़िल्म, मासूम की पुरानी तस्वीर। रिलीज़ के पहले दिन, मैं मेन थिएटर गया… और पूरे सिनेमा हॉल में सिर्फ़ दो लोग थे.. और उनमें से एक मैं था! उन दिनों सिनेमा टिकटों की ‘ब्लैक मार्केटिंग’ बहुत आम थी.. जवान लड़के, या गैंग भी, सिनेमा टिकट थोक में खरीदते थे और फिर शो वाले दिन उन्हें ज़्यादा दामों पर बेचते थे.. बेशक अगर हॉल भरा हुआ हो..।”
Shekhar Kapur को लड़कों ने पकड़कर दी थी धमकी
डायरेक्टर ने आगे कहा कि “मासूम के पहले दिन के पहले शो को छोड़कर, हॉल पूरी तरह खाली था! बाहर कुछ बहुत गुस्से में दिखने वाले जवान लड़कों ने मुझे घेर लिया जब उन्हें पता चला कि मैं डायरेक्टर हूं. उस दिन उनके पैसे डूब गए थे.. मैं ज़रूर बहुत उदास लग रहा था। तो उनमें से एक को मुझ पर दया आ गई, और उसने कहा.. ‘सर.. प्रॉब्लम यह है कि आपने एक ‘आर्टिकल’ फ़िल्म बनाई है’.. अगर आपको करियर बनाना है, तो ऐसा मत करो’ आर्टिकल फ़िल्म?? मैं सोचता रहा.. आर्टिकल फिल्म.. मुझे एहसास हुआ कि उसका मतलब एक ‘आर्टिस्टिक फिल्म’ से था.. कभी भी आर्टिस्टिक फिल्म मत बनाना, यह युवा ब्लैक मार्केटर मुझे चेतावनी देने की कोशिश कर रहा था।”
मायूस हो गए थे शेखर कपूर
खैर, रिलीज के शुक्रवार को.. सभी सिनेमा हॉल खाली थे.. जैसे वे शनिवार, रविवार, सोमवार, मंगलवार को थे.. फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फिल्म को सपोर्ट करने की कोशिश छोड़ दी। खाली हॉल में फिल्म दिखाना बहुत महंगा था.. मुझे वह दिन याद है.. जब उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने थिएटर बंद रखने की कोशिश छोड़ने का फैसला किया है.. मैं मुंबई की सड़कों पर घूमता रहा और सोचता रहा कि मैं अपनी ज़िंदगी में आगे क्या करने वाला हूं, क्योंकि फिल्में बनाना अब पक्का कोई ऑप्शन नहीं था।
दूसरे गुरुवार को क्यों मासूम ने शेखर कपूर को किया हैरान
गुरुवार को कुछ अजीब हुआ। एक दोस्त ने मुझे फोन किया और पूछा कि क्या मैं उसे मासूम के टिकट दिलाने में मदद कर सकता हूं। मैंने उससे कहा कि यह एक बुरा मज़ाक था। लेकिन फिर.. गुरुवार को एक सिनेमा हॉल भर गया था.. फिर शुक्रवार को टिकट खरीदने के लिए लोगों की लाइनें लगी थीं.. और वीकेंड में डिस्ट्रीब्यूटर उन हॉल को वापस पाने के लिए हाथ-पैर मार रहे थे जो उन्होंने छोड़े थे, और मेरी ‘आर्टिकल’ फिल्म हिट घोषित कर दी गई।
मासूम द नेक्स्ट जेनरेशन को लेकर क्या बोले शेखर कपूर
गौरतलब है कि शेखर कपूर ने पहले ही मासूम द नेक्स्ट जेनरेशन की घोषणा कर दी है। ऐसे में वह इसका जिक्र करते हुए इस पोस्ट में कहते हैं कि उस वीकेंड क्या हुआ? लोग कहते हैं कि यह ‘वर्ड ऑफ़ माउथ’ था.. लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है, जब शायद ही किसी ने फिल्म देखी हो?
उस गुरुवार को क्या हुआ? .. मैं अब भी सोचता हूं क्योंकि मैं ‘मासूम, द नेक्स्ट जेनरेशन’ बनाने वाला हूं.. सालों बाद जब मासूम ओरिजिनल एक कल्ट फिल्म बन गई थी।
क्या ‘मासूम, द नेक्स्ट जेनरेशन’ एक और ‘आर्टिकल फिल्म’ है?।”
मासूम नेक्स्ट जेनरेशन क्या होने वाली है यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा लेकिन जहां तक बात करें 1983 में रिलीज होने वाली मासूम की तो इसमें नसरुद्दीन शाह उर्मिला मातोंडकर, शबाना आजमी, तनुजा, सुप्रिया पाठक सतीश कौशिक जैसे स्टार्स नज़र आए थे।






