Backpain Treatment: रीढ़ की हड्डी के दर्द को जड़ से खत्म कैसे करें? डॉक्टर से जाने सटीक इलाज

Backpain Treatment: रीढ़ की हड्डी के दर्द से काफी लोग परेशान  रहते हैं. तमाम  इलाज कराने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिलती है. बैक पेन के दर्द से राहत देने की जानकारी डॉक्टर दे रहे हैं.

Backpain Treatment: कमर दर्द का अकसर कारण रीढ़ की हड्डी में दर्द होता है. जिसका पीड़ितों के द्वारा इलाज भी कराया जाता है. लेकिन कई बार कमर का दर्द नहीं जा पाता है.रीढ़ की हड्डी में दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, चोट, हर्निएटेड डिस्क, गठिया, डिस्क, तनाव, सुन्नपन और साइटिका के कारण हो सकता है. डॉक्टर राजेश पारसनीस के द्वारा इस दर्द से राहत देने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं.

कमर में दर्द क्यों होता है?

डॉक्टर राजेश पारसनीस के द्वारा बताया जा रहा है कि, जब कभी भी रीड़ की हड्डी में दर्द होता है वह दो कारणों से होता है. पहला डायरेक्ट कारण जैसे ट्यूमर, इनफेक्शन और चोट. दूसरा कारण कोई बीमारी नहीं होती लेकिन तनाव या नसों के कमजोरी से रीड़ के हड्डी में दर्द पैदा होता है. वह रीड़ की हड्डी में दर्द  से कैसे राहत पाएं इसके बारे में बता रहे हैं?

Backpain Treatment कैसे करें?

डॉक्टर का कहना  है कि, मरीज को समय पे दवाइया लेनी है , आराम करना है और थेरेपी है और आगे जाकर फिर से ना हो इसलिए व्यायाम करना चाहिए. इसके साथ ही गर्म और ठंडी सिकाई करनी होती है. अगर यह सब करने से दर्द कम नहीं होता तो सर्जरी करने की सलाह दी जाती है. दर्द हो तो उसके लिए आराम करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. गर्म पानी या बर्फ से सिखाई करने के बाद भी राहत मिलती है.

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डॉक्टर की सलाह के अनुसार, मरीज दवा भी ले सकता है।अगर दर्द बहुत समय से है और हाथों पैरो में झुंझुनाहट महसूस हो रही हो तो डॉक्टर की सलाह ले. उसके हिसाब से डॉक्टर आपको थेरेपी और एक्सरसाइज करने की सलाह देंगे. अंत में आपको इसके साथ ताकत बढ़ाने के भी एक्सरसाइज बताये जायेंगे.अगर डायरेक्ट कारणों के वजह से रीड़ के हड्डी में दर्द होता है तो यह जानना जरुरी है यह किस कारण के वजह से होता है.  रीड़ की हड्डी में दर्द है तो 90% लोग बिना सर्जरी के ठीक हो सकते है. मरीज के बीमारी के अनुसार, उसे दवाइयां दी जाती है. कुछ मरीजों की रीड़ की हड्डी के बीमारी के साथ साथ कोई और भी बीमारी हो जैसे की टीवी  के कारण हड्डी में काफी छेद हुए है जिसके कारण नसों पे दबाव आ रहा हो. दर्द के साथ-साथ पैरो में ताकत कम है , चलना बंद हो गया हो , रोज़ के काम करने में परेशानी आती हो तो ऐसे मरीजों में सर्जरी की जाती है. 10% लोगों को यह सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

 

 

 

 

 

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