Back Pain: कमर का दर्द अकसर शुरुआती दौर में लोग इग्नोर कर जाते हैं। लेकिन स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित का चलना-फिरना, उठना-बैठना और यहां तक सोना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आपकी उम्र 40 से कम है तो इसका सही इलाज कराएं। एम्स हॉस्पिटल की फेमस न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत इसका सही इलाज बता रही हैं।इससे कमर के निचले हिस्से का पुराना दर्द ठीक हो सकता है। अगर आप भी नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा खाकर दंग हो चुके हैं। तो इस पेन को खत्म करने का सही इलाज जरुर जानें।
Back Pain से राहत पाने के लिए क्या करें?
हेल्थ एक्सपर्ट प्रियंका सहरावत का कहना है कि, सैक्रोइलियक जोड़ में दर्द होने पर एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी बहुत फायदा करती है। 40 साल से कम उम्र के लोगों में कमर के निचले हिस्से का पुराना दर्द हमेशा डिस्क की समस्या के कारण नहीं होता है। कई बार जोड़ों में होने वाला सूजन होता है, जिसे लोग अक्सर पहचान नहीं पाते हैं। डॉक्टर का कहना है कि, जब सैक्रोइलियक जोड़ में सूजन आती है, तो उसे सैक्रोइलिटिस कहा जाता है। ऐसे में एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी दर्द और सूजन दोनों को कम करती है।अगर आपके भी सुबह उठते ही कमर में भयंकर दर्द होता है। इसे एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी से कम किया जा सकता है।स्थिति बिगड़ने पर कई बार डॉक्टर एंटी-इंफ्लेमेटरी स्टेरॉयड का इंजेक्शन लगाते हैं। वहीं, फिजियोथेरेपी, सिकाई और आराम करने की भी सलाह दी जाती है। अगर आप भी सैक्रोइलियक जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो पहले डॉक्टर से संपर्क करें। इसके बाद इलाज कराएं। कमर में होने वाले दर्द को बिल्कुल भी हल्के में ना लें।
एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी क्या है?
कमर के दर्द में राहत देने वाली एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी हड्डियों के सूजन और इसमें आए लालपन से राहत देती है। शुरुआती दौर में डॉक्टर के द्वारा नॉन-स्टेरॉयडल दवाएं दी जाती है। कई बार दर्द वाली जगह पर बर्फ की पट्टी से सिकाई की जाती है। वहीं, डॉक्टर के द्वारा एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट की भी सलाद दी जाती है। कई बार डॉक्टर के द्वारा फिजियोथेरेपी में विद्युत तरंगों से इलाज किया जाता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






