Varun Dhawan : बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल साल 2024 में एक प्यारी की बेटी के माता-पिता बने थे। उन्होंने अपनी बेटी का नाम लारा धवन रखा। फैंस को लगा कपल की लाइफ में सबकुछ ठीक चल रहा है। लेकिन उन्हें झटका तब लगा जब कपल ने बताया कि उनकी बेटी को हिप डिस्प्लेसिया बीमारी हो गई। इसमें बच्चे को चलने में दिक्कत होती है। इसके लिए उन्होंने बहुत इलाज कराया तब जाकर लारा ठीक हुई।
Varun Dhawan की बेटी की तरह आपके बच्चे में भी हो सकते हैं हिप डिस्प्लेसिया का शिकार
बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन की बेटी की तरह किसी भी सामान्य बच्चे में ये बीमारी हो सकती है। हिप डिस्प्लेसिया लड़कों की तुलना में लड़कियों को अधिक होता है। इसमें कूल्हे और जांघ की हड्डी सही से नहीं जुड़ पाती है। जिसके कारण बच्चे के पैर का विकास नहीं हो पाता है और वो सही से चल और फिर नहीं सकता है।
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हड्डियों का विकास ठीक से ना हो पाना बच्चे के भविष्य के लिए खतरनाक होता है। बच्चों मे हिप डिस्प्लेसिया बीमारी होने के कई सारे कारण होते हैं। गर्भ में ‘ब्रीच पोजीशन’ यानी की बच्चे के पैर नीचे की ओर होना इस बीमारी की संभावना को बढ़ा देता है। जन्म के बाद बच्चे को गलत तरीके से लपेटना भी बच्चे की हड्डियों को विकसित नहीं होने देता है। इसीलिए कभी भी नवजात शिशु को पैरों को सीधा और आपस में सटाकर कसकर लपेटना नहीं चाहिए। इससे मासूम के कूल्हे के जोड़ों पर असर पड़ता है। बच्चे के लिए कभी भी बेबी कैरियर का यूज नहीं करना चाहिए। बच्चों के पैरों का आकार M आकार का होना अच्छा माना जाता है। कई बार बच्चों मे ये अनुवांशिकता के कारण आता है।
हिप डिस्प्लेसिया के लक्षणों को कैसे पहचानें?
1-कूल्हे में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर बॉडी में कई तरह के लक्षण दिखते हैं।हिप डिस्प्लेसिया होने पर बच्चे का एक पैर दूसरे से छोटा दिखने लगता है।
2-बच्चा अगर चलते समय लंगड़ा रहा है या फिर बत्तख की तरह चल रहा है तो हिप डिस्प्लेसिया हो सकता है।
3-जांघों या कूल्हों की त्वचा की सिलवटें अगर बहुत ज्यादा दिख रही हैं तो बच्चा इस गंभीर हड्डी की बीमारी से पीड़ित हो सकता है।
4-कूल्हे के जोड़ से ‘चटकने’ की आवाज आना या पैर हिलाने में लचीलेपन की कमी दिखना भी इसका प्रमुख लक्षण माना जाता है।
बच्चे को Hip Dysplasia बीमारी होने पर क्या करें?
1-हिप डिस्प्लेसिया से बच्चे को ठीक करने के लिए डॉक्टर के द्वारा बच्चे के कूल्हे में पावलिक हार्नेस यानी की ब्रेस लगाया जाता है। ये कूल्हे और जांघ की हड्डी को जोड़ने का काम करता है।
2-अगर पावलिक हार्नेस से भी बच्चा ठीक से नहीं चल पा रहा है तो सर्जरी के बाद प्लास्टर लगाया जाता है।
