Fatty Liver: लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग होता है. ये खून को फिल्टर करने से लेकर दिल और दिमाग के लिए बहुत जरुरी है. लिवर शरीर का इकलौता ऐसा अंग है जो कि, पूरी बॉडी के 500 से ज्यादा अंगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. लेकिन खराब खान-पीन के कारण लिवर पर चर्बी जमना शुरु हो जाती है. जिसके कारण शरीर गंभीर बीमारियों से घिरना शुरु हो जाता है. लिवर की सबसे जानलेवा बीमारी लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर है. इस स्थिति में मरीज की जान जाने की बहुत ज्यादा संभावनाएं होती हैं. इसीलिए डॉक्टर के द्वारा 3 ऐसे जूस के बारे में बताया जा रहा है. जिनके सेवन से फैटी लिवर को कम किया जा सकता है.फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए ग्रीन टी, ब्लैक कॉफी और चुकंदर का जूस काफी प्रभावी माने जाते हैं.
Fatty Liver के लिए ग्रीन टी है बेस्ट
ग्रीन टी लिवर के लिए अच्छी मानी जाती है. ये लिवर पर जमा गंदी चर्बी को बाहर निकाल देते हैं. ग्रीन टी में
कैटेचिन्स पाया जाता है. ये एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते है, जो लिवर में फैट मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं. ये एंजाइम्स को ठीक करता है. इससे लिवर की गंदगी साफ होती है. इसके साथ ही सूजन भी कम होता है. लगातार इसके सेवन से लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.
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वीडियो क्रेडिट-The Gastro Liver Hospital Kanpur
ब्लैक कॉफी फैटी लिवर को करती है कम
ब्लैक कॉफी फैटी लिवर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसीलिए बिना चीनी और दूध वाली ब्लैक कॉफी को पीना चाहिए. ये लिवर की कोशिकाओं में चर्बी के जमाव को कम करती है. ब्लैक कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड और पॉलीफेनोल्स ऑक्सीडेटिव होते हैं.लिवर में स्कार टिश्यूज बनने से रोकते हैं. जिसके कारण लिवर डिटॉक्स होता है और फैटी लिवर का खतरा कम होता है.
चुकंदर का जूस देगा राहत
डॉक्टर के द्वारा चुकंदर का जूस पीने की सलाह दी जा रही है. चकुंदर में बीटेन और बीटालिन्स होता है.जिसके कारण लिवर पर जमीं चर्बी खत्म हो जाती है. चुकंदर का जूस लिवर की कोशिकाओं को सुरक्षा देता है.ये डिटॉक्सिफिकेशनके तौर पर काम करता है. इसीलिए प्रतिदिन इसका सेवन करना चाहिए. चकुंदर फैटी लिवर ही नहीं बल्कि पूरी बॉडी के लिए बहुत अच्छा होता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






