Fatty Liver : फैटी लिवर बच्चों और बड़ों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है. खराब खान पीन इस जानलेवा बीमारी को दावत देता है. लिवर शरीर के महत्वपूर्ण अंग होता है. ये ब्लड को फिल्टर करके पोषक तत्वों को शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है. यही वजह है कि, फैटी लिवर का असर दिल और दिमाग दोनों पर ही पड़ता है. इस गंभीर बीमारी से बचने का एक आसान तरीका देश के जाने-माने डॉक्टर सरीन बता रहे हैं. वो एक ऐसी चीज बता रहे हैं, अगर पीड़ित या फिर आम इंसान ऐसा करता है तो फैटी लिवर से राहत पायी जा सकता है.
फैटी लिवर की जानी दुश्मन है ये एक चीज
डॉक्टर सरीन का कहना है कि, बढ़ा हुआ वजन ही फैटी लिवर का एक प्रमुख कारण है.अगर इसे घटा लिया जाए तो लिवर पर जमीं चर्बी अपने आप ही कम होने लगती है. इसके साथ ही लिवर का सूजन भी कम होता है.शरीर का वजन बढ़ता है, तो कैलोरी शरीर में चर्बी का रुप ले लेती है. ‘इक्टोपिक फैट’ कहते हैं।
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वीडियो क्रेडिट: NDTV Sehat Vehat
लिवर इसका सबसे बड़ा शिकार बनते है. जब लिवर पर चर्बी है तो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है. जिसकी वजह से कई सारी बीमारियां होने लगती हैं. दिल को ये सबसे ज्यादा प्रभावित करता है. इसीलिए वजन को कंट्रोल रखना बेहद जरुरी है.
फैटी लिवर को कैसे कर सकते हैं ठीक?
डॉ. सरीन देश के एक बड़े लिवर डॉक्टर हैं. वो कई बार इस गंभीर बीमारी से निबटने के उपाय बता चुके हैं. चलिए जानते हैं.
- डॉक्टर सरीन का कहना है कि, शरीर के कुल वजन का 10% वजन घटाने का असर फैटी लिवर पर पड़ता है. इससे जमी हुआ चर्बी बाहर निकल आती है.
- हेल्दी लिवर के लिए डॉ. सरीन कहते हैं, भोजन का 60% हिस्सा बिना पका हुआ होना चाहिए. मरीज फल, सब्जी, सलाद और अंकुरित दालों और अनाजों का सवेन कर सकता है.
- कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस ना के बराबर ही पीना चाहिए . ये लिवर के साथ पूरी बॉडी को डैमेज करते हैं.
- बेल्थ के साथ फैटी लिवर को ठीक रखने के लिए रोजाना 40 मिनट वॉक या फिर एक्सरसाइज करना चाहिए.
- बिना-दूध और चीनी की ब्लैक कॉफी फैटी लिवर में वरदान की तरह काम करती है. ये चर्बी को साफ करती है. दिन में 2 से 3 बार इसे पीना चाहिए.
- शरीर के साथ लिवर की चर्बी को निकालने के लिए हफ्ते में 1 से 2 बार फास्ट यानी की उपवास रखने से शरीर पूरी तरह से साफ हो जाता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






