Gut Health Tips: पेट की हेल्थ के लिए बेस्ट हैं ये 5 देसी चीजें, पाचन से परेशान लोग जरुर करें डाइट में शामिल

Gut Health Tips: अदरक, पुदीना, हल्दी, कैमोमाइल और सौंफ पेट की समस्याओं के लिए एक अचूक आयुर्वेदिक उपाय है। AIIMS से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी इसकी जानकारी दे रहे हैं.

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Gut Health Tips:  पाचन संबंधी समस्याओं से अकसर लोग जूझते रहते हैं. कई बार दवा भी आराम नहीं देती है. इसी लिए फेमस पेट के डॉक्टर और हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेनिंग लेने वाले सौरभ सेट्टी कुछ देसी जड़ी-बूटियाँ और मसालों के फायदे के बारे में बता रहे हैं. अदरक, पुदीना, हल्दी, कैमोमाइल और सौंफ पेट को ठीक करने में मदद करते हैं.इसीलिए इसे अपनी डाइट का हिस्सा जरुर बनाना चाहिए. ये पाचन संबंधी बीमारियों से राहत देता है.

Gut Health Tips: अदरक का करें सेवन

डॉक्टर सौरभ सेट्टी का कहना है कि,अदरक पेट के भारीपन को दूर करता है.यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल  सिस्टम को शांत करता है, जिससे मतली  और पेट फूलने की समस्या कम होती है.

पुदीना पेट के लिए है अच्छा

पुदीने में मौजूद मेंथॉल पेट और आंतों की चिकनी मांसपेशियों  को रिलैक्स करता है.यह आंतों की ऐंठन को रोकता है, जिससे गैस, पेट दर्द और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षणों में तुरंत राहत मिलती है.पुदीने का सेवन किसी भी रुप में कर सकते हैं.

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हल्दी का करें सेवन

हल्दी में ‘करक्यूमिन’ होता है. ये आंतों की अंदरूनी सूजन को रोकता है.आंतों की परत की ठीक करता है. इसके साथ ही खराब बैक्टीरिया से लड़ता है.

कैमोमाइल आंतों को देगा आराम

कैमोमाइल एक पुरानी जड़ी बूटी है जिसे बबूने के फूल के नाम से जाना जाता है. तनाव की वजह से होने वाले पेट दर्द और एसिडिटी को कैमोमाइल शांत करता है। इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-स्पास्मोडिक प्रॉपर्टीज पेट की परत को एसिड से बचाती हैं और जलन कम करती हैं.

सौंफ को बनाएं डाइट का हिस्सा

सौंफ पेट क हेल्थ के लिए बहुत अच्छी होती है. एक चम्मच सौंफ चबाने से पाचन एंजाइम यह आंतों में रुकी हुई गैस को बाहर निकालकर पेट के भारीपन और मरोड़ को तुरंत कम करता है. इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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