Health Tips:डायबिटीज से लेकर पीरियड की गड़बड़ी तक में काम आता है ये खास सत्तू, आयुर्वेदिक फायदें चौंका देंगे

Health Tips: हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा खील के सत्तू के फायदों के बारे में बताया जा रहा है। उनका कहना है कि, ये कई गंभीर बीमारियों में रामबाण इलाज की तरह काम करती है। जानें खील सत्तू बनाने और सेवन करने का सही तरीका।

Health Tips

Picture Credit: Google

Health Tips: हर आयु वर्ग के लोगों में डायबिटीज, मोटापे, पाचन , हड्डियों में दर्द और महिलाओं में पीरियड की  गड़बड़ी बेहद आम बन चुकी है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए लोग अलग-अलग दवा लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है? आयुर्वेद में एक ऐसा सत्तू है, अगर इसका सेवन नियमित रुप से किया जाए तो इन सभी प्रकार की समस्याओं से राहत पायी जा सकती है।  इसे घर पर बना सकते हैं। इसके साथ ही इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं आता है।

Health Tips: डायबिटीज के साथ इन बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है खील का सत्ती

हेल्थ एक्सपर्ट AyurvedaforEveryoneOfficial नाम के यूट्यूब चैनल पर दीवाली पर मिलने वाली खील से बने सत्तू के फायदों को गिना रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, खील का सत्तू रोजाना सेवन करने से कई सारी बीमारियों में राहत मिलती है। खील का सत्तू लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है। जिसके कारण ये डायबिटिज को कंट्रोल करता है। वहीं, इसमें फाइबर और प्रोटीन बहुत होता है। जिससे पेट और पीरियड संबंधी  बीमारियां कम होती हैं।

देखें वीडियो

वहीं,  वजन कम कम करने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज, एसिडिटी, और पेट फूलने जैसी बीमारी है तो खील का सत्तू पी सकते हैं। खील का सत्तू फाइबर के कारण बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है। जिससे कफ और हार्ट सबंधी बीमारियां कम होती है। गर्मी में खील का सत्तू पीना काफी लाभकारी होता है। खील के सत्तू की तासीर ठंडी होती है। जिसके कारण ये गर्मी में लू और डिहाइड्रेशन की समस्या को खत्म करता है। जिन लोगों के पेट में जलन रहती है वो इसका रोजाना निहार मुंह सेवन कर सकते हैं।

खील का सत्तीू कैसे बनाएं?

खील का सत्तू बनाना बहुत ही आसान है। खील को कुरकुरा होने तक भूनें। इसके बाद इस बारीक करके मिक्सी के जार में पीस लें। इसके बाद इसे अच्छी तरह से छान लें। फिर पानी में ये खील का सत्तू, काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर रोजाना पिएं। प्रतिदिन सुबह इसका सेवन करने से फायदा मिलता है। पीसे हुए खील के सत्तू को हवा बंद जार में एक से दो महीने तक सुरक्षित रख सकते हैं। ये हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

Exit mobile version