Diabetes को पैदा करने में तीसरा सबसे बड़ा कारण है दही, एक्सपर्ट से जानें रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

Diabetes: क्या दही खाने से शुगर का खतरा खुद बढ़ता है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट ने क्या कहा जो आपको हैरान कर देने के लिए काफी है। इसके साथ ही जान ले पूरी सच्चाई क्या है।

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Photo Credit- Google Diabetes

Diabetes: आप जिस दही को चाव से खाते हैं क्या यह आपके लिए हेल्दी है। आपको यह जानकर हैरानी होगी लेकिन डॉक्टर की माने तो डायबिटीज बढने में तीसरा सबसे बड़ा कारण यह है। यह जानकर आप चौंक जाएंगे। जी हां, अगर आपको भी यह जानकर हैरानी हुई है तो शायद डॉक्टर द्वारा कही गई बातें आपके लिए वाकई सरप्राइज से कम नहीं है। आइए जानते हैं आखिर इस बारे में क्या कहा गया है। डायबिटीज से अगर आपको बचना है तो दही को लेकर क्या है सच्चाई जो वाकई आपके लिए भी शॉकिंग हो सकता है।

Diabetes का रिस्क कब बढ़ा सकता है दही

डायबिटीज एक्सपर्ट ने बताया कि दही तीसरा सबसे बड़ा कारण है जो इस बीमारी को पैदा करता है लेकिन इसके पीछे आखिर क्या है पूरी सच्चाई। इसे जानने के लिए एक्सपर्ट ने अपनी बात को साबित किया। उन्होंने कहा कि अगर फिजिकल वर्कआउट नहीं कर रहे हैं तो यह आपके लिए डायबिटीज में रिस्की है। एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि जो लोग इस पर सवाल करते हैं और कहते हैं कि पहले के लोग कहते थे तो उन्हें डॉक्टर ने कहा कि वे लोग काम करते थे फिजिकल वर्कआउट करते थे, मजदूरी करते थे, खेत में जाते थे और सामान उठाते थे। वहीं एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि पहले के लोग की फिजिकल एक्टिविटी थी वह दही को पचा जाती थी क्योंकि दही की टेंडेंसी जमने की होती है।

कौन सी दही आपके लिए डायबिटीज में हेल्दी

जहां तक बात करें दही की तो डायबिटीज मरीज को डॉक्टर इसे खाने की सलाह दी जाती है। चीनी वाला दही आपके लिए रिस्की हो सकता है तो पैकेट बंद या फ्लेवर दही से बचें लेकिन इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया पेट के स्वास्थ्य के लिए हेल्दी बताया जाता है। वहीं इसमें प्रोटीन की मात्रा होती है और कार्बोहाइड्रेट को यह धीमा कर देता है जिससे शुगर स्पाइक नहीं होता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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