Health Tips: सहजन की फली , पत्ते और छाल सबकुछ लाभकारी होता है. यही वजह है कि, इसे सपरफूड कहा जाता है.सहजन को मोरिंगा या ड्रमस्टिक भी कहा जाता है. इसमें कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और कैल्शियम होते हैं. यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने से लेकर हड्डियों के दर्द और हार्ट के लिए बेस्ट है. आप सहजन का रोजाना किसी ना किसी रुप में अगर सेवन करते हैं तो डायबिटिज से लेकर ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने तक का लाभ ले सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा इसके फायदे गिनाए जा रहे हैं.
Health Tips: सहजन अनेक बिमारियों का है इकलौता इलाज
हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा Fit Tuber नाम के यूट्यूब चैनल पर सहजन की फली के फायदों के बारे में गिनाया जा रहा है. उनका कहना है कि, सहजन पत्तियों में पाए जाने वाले तत्व ब्लड शुगर के स्तर को कम करते हैं.
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट-FitTuberHindi
इसमें हाई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. इसमें ब्लूबेरी और आंवले से भी ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की गंदगी को बाहर निकालते हैं.हड्डियों की मजबूती के लिए इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन-K पाया जाता है. वहीं, खून की कमी को दूर करने के लिए इसकी पत्तियों में पालक और चुकंदर से भी ज्यादा आयरन होता है. ये शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाता है. सहजन कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ने नहीं देता. इसके साथ ही यह नसों की ब्लॉकेज को कम करता है.
सहजन का कैसे करें इस्तेमाल?
सहजन का काफी बड़ा पेड़ होता है. इसमें लगने वाले पत्ते और फली दोनों ही फायदेमंद होते हैं.आप इसकी फलियों की सब्जी बना सकते हैं . इसके साथ ही दाल में भी डाल सकते हैं. वहीं, इसकी पत्तियों का ताजा रस या पाउडर पानी के साथ लिया जा सकता है. निहार मुंह इसके सेवन से बहुत फायदा मिलता है. सहजन एंटी-इंफ्लेमेटरी , एंटी-डायबिटिक और हाई-एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणों से भरा हुआ है.इसीलिए इसके सेवन के सबसे ज्यादा फायदा टाइप-2 डायबिटीज, दिल की समस्या और नसों की ब्लॉकेज, कैंसर की रोकथाम और गंभीर गठिया और जोड़ों का दर्द के साथ-साथ हड्डियों का खोखलापन की समस्या में होता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
