Heart Health: दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन लोगों को चलते-फिरते हार्ट अटैक या फिर कार्डियक अरेस्ट आ रहा है। जिसके कारण हर आयु वर्ग के लोग खौफ में हैं। दिल की बीमारियां शुरुआती दौर में पता नहीं चल पाती हैं। लेकिन जब ये गंभीर रुप ले लेती हैं तो मरीज का बचना मुश्किल हो जाता है। दिल की बीमारियों से दूर रहने के लिए एक अच्छा लाइफस्टाइल होना बहुत जरुरी है। इसीलिए भारत के फेमस हार्ट एक्सपर्ट बिमल छाजेर ऐसी डाइट के बारे में बता रहे हैं। जिससे अचानक होने वाली दिल की बीमारियों को रोका जा सकता है।
Heart Health के लिए बेस्ट के रोटी
डॉक्टर बिमल छाजेर का कहना है कि, हार्ट प्रोब्लम को रिवर्स करने के लिए आपको चावलों के सेवन को बंद करना है और मल्टीग्रेन रोटी का सेवन करना है। इसमें गेहूं के अलावा चना, जौ, बाजरा, रागी, मक्का और सोयाबीन को मिक्स करके आटा बनाया जाता है। जिसके कारण ये बेहद लाभकारी होता है।
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वीडियो क्रेडिट-SAAOLHeartCenterIndia
इसका फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को निकालता है और धमनियों में ब्लॉकेज और प्लाक को रोकता है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। ये ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी को कम करता है। इन में मौजूद विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल की गंभीर समस्याओं को रोकते हैं।
दिल की बीमारियों से बचना है तो खाएं ये खास दालें
डॉक्टर का कहना है कि, दिल की बीमारियों से बचना है तो अपनी डाइट में मसूर , चना, राजमा दाल का सेवन बढ़ाएं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को सोख लेता है और हार्ट की ब्लॉकेज को कम करता हैं। इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं। ये हाई प्रोटीन और नो-सैचुरेटेड फैट से भरी हुई होती है। इनका फाइबर और प्रोटीन बहुत लाभकारी होता है। इसके साथ ही रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए।
इन खाने की चीजों से अभी करें तौबा
डॉक्टर का कहना है कि, हार्ट अटैक से बचने के लिए फ्राइड फूड और पैकेज्ड फूड , देसी घी और नॉनवेज पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। इनमें ट्रांस फैट और सोडियम बहुत होता है। जो सीधे हार्ट ब्लॉकेज का कारण बनते हैं। नॉनवेज में ट्राइग्लिसराइड्स होता है। ये कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ाता है। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा वेज खाने का सेवन करें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
