Health Tips: आचार को देखते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन क्या आपको पता है जिस आचार को आप बहुत ही चाव से खा रहे हैं वो गंभीर बिमारियों का कारण बन सकता है. इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट सही तरीके से बने आचार को खाने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि, स्वाद बढ़ाने के लिए कभी भी बाजार के आचार का सेवन नहीं करना चाहिए. इसके बदले आप घर पर बने नींबू, मिर्च और आम के आचार को खा सकते हैं. घर में देसी तरह से बने आचार के एक नहीं अनेक फायदे हैं.
Health Tips: कौन सा आचार है बेस्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, घर पर बना आचार लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए धूप, नमक और शुद्ध तेल जैसे प्राकृतिक तरीकों से मिलकर बना होता है. वहीं, बाजार के आचार में सोडियम बेंजोएट और एसिटिक एसिड जैसे प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल होते हैं. ये हेल्थ पर बहुत ही बुरा असर डालते हैं.घरों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के शुद्ध सरसों के तेल, तिल के तेल या गाय के घी और हाथ से पिसे मसालों का इस्तेमाल आचार में होता है. वहीं, बाजार के बने आचार में अकसर सस्ते, रिफाइंड , पाम ऑयल और मिलावटी मसालों का यूज होता है.
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट-KahaniyaanRasoiSe.official
ये पेट की हेल्थ को बिगाड़ देते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, घर पर बना आचार धूप में पकता है. जिसके कारण इसमें लैक्टोबैसिलस और अच्छे बैक्टीरिया बनते हैं. ये पाचन को ठीक रखते हैं. वहीं, बाजार वाले आचार को सिरके के साथ तैयार किया जाता है. जिसके कारण पाचन के एंजाइम और अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. इसीलिए घर पर बने आचार का ही सेवन करें.
घर पर बनाएं ये हेल्दी आचार
अच्छी हेल्थ के लिए आप घर पर ही विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरा आंवले का आचार बना सकते हैं. वहीं, विटामिन सी और पोटेशियम से भरपूर नींबू का आचार बना सकते हैं. इसके साथ ही बिमारियों से बचने के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल से भरे हुए लहसुन का आचार बना सकते हैं. आम और मिर्च का आचार घर पर बनाकर खाने से फायदा मिल सकता है. लेकिन ध्यान रहे सेवन करने से पहले बीमारी से जूझ रहे लोग डॉक्टर की सलाह जरुर लें.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






