Heart Health: आजकल चलते-फिरते लोगों को हार्ट अटैक आ जाता है। कोई नाच रहा है तो कोई गा रहा है और अचानक से उसकी मौत हो जाती है। इसका कारण कार्डियक अरेस्ट या फिर हार्ट अटैक होता है। कई मामलों में इसका कोई खुलकर कारण और लक्षण भी सामने नहीं आता है। लेकिन कुछ स्थितियों में अगर इमरजेंसी उपचार मिल जाए तो मरीज की जान बच जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि हार्ट की हेल्थ के बारे में जानने के लिए शुरुआती दौर में कौन सा बेस्ट टेस्ट माना जाता है।कई बार लोगों के सीने में दर्द होता है। उनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा होता है। उन्हें लगता है कि, वो दिल के मरीज तो नहीं बन गए। अगर आपके दिमाग में भी इस तरह के सवाल आ रहे हैं तो, आपको दिल की बीमारी के जानने के लिए कोई महंगा टेस्ट नहीं कराना है। आप कुछ शुरुआती जांच से इसका पता लगा सकते हैं।
Heart Health जांचने के लिए कौन सा टेस्ट कराएं?
डॉक्टर के द्वारा बताया जा रहा है कि, हार्ट हेल्थ के स्टेटस को जानने के लिए टेस्ट्स में लिपिड प्रोफाइल कर सकता है। इससे शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का पता चलता है।
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वहीं, ईसीजी इकोकार्डियोग्राम, ट्रेडमिल टेस्ट और फास्टिंग ब्लड शुगर का टेस्ट करा सकते हैं। ये दिल की धड़कन से लेकर ब्लॉकेज तक की जानकारी दे देते हैं। इसके साथ मरीज को ये भी बता देते हैं कि, उन्हें किसी दिल की बीमारी से जान का खतरा है या फिर नहीं है।
दिल बीमार होने पर दिखते हैं कुछ लक्षण
कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं। जैसे बिना काम के ही थकान हो जाना ,सीने में दर्द हो जाना, दाएं-हाथ में दर्द हो जाना, घबराहट और बेचैनी के साथ चक्कर भी आ सकते हैं।
किन चीजों से बिगड़ती है हार्ट हेल्थ?
दिल संबंधी बीमारी होने के कई सारे कारण होते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा उन लोगों को दिल की बीमारियां होती है जो अल्कोहल और धुम्रपान का ज्यादा सेवन करते हैं। तला-भूना खाना भी इसका प्रमुख कारण होता है। वहीं, फास्ट फूड खाने वालों को ये खतरा बहुत ज्यादा होता है। बॉडी में बढ़ती चर्बी दिल के लिए बहुत खतरनाक होती है। इसीलिए अपने खान-पीन का ध्यान रखें और एक्सरसाइज करें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






