Heart Health: दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों में डर के साथ काफी कंफ्यूजन हैं। उन्हें कई बार पता ही नहीं होता है कि, पेसमेकर की जरुरत हार्ट ब्लॉकेज के अलावा कब-कब की जाती है। इसकी जानकारी देश के जाने-माने डॉक्टर बिमल छाजेड़ दे रहे हैं। अगर आप भी दिल की गंभीर बिमारियों से जूझ रहे हैं तो इसके बारे में जरुर जानें।
Heart Health: पेस मेकर कब लगाया जाता है?
डॉक्टर बिमल छाजेड़ का कहना है कि, आजकल बहुत सारे केस मेरे पास आ रहे हैं कि, पेसमेकर लगाने के लिए बोला गया है। लेकिन उन्हें नहीं पता होता है कि, इसमें कितना हार्ट रेट की जरुरत पड़ती है।हार्ट में एक छोटा सा ऑर्गन होता है जिसका नाम नोट या ओरिजनल पेसमेकर है. ये हमारे हार्ट के बीट को बढ़ाता चलाता रहता है. इसके 50 से 90 तक आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है.
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वीडियो क्रेडिट-SAAOL Heart Center
अगर यह हार्ट रेट 50 से नीचे उतरने लगता है तब हमारे ब्रेन में घंटी बजने लगता है.क्या पेसमेकर को ब्लड सप्लाई नहीं मिल पा रही. पेसमेकर की तब जरूरत है जब ये नोड पूरा काम करना बंद कर दे और जब ये नोड काम करना पूरा बंद कर दे तो आपका हार्ट रेट 50 के ऊपर जाएगा ही नहीं . अगर हर वक्त 50 से कम है या 40 है 42 है 43 है 44 है 50 के ऊपर जा ही नहीं रहा है . तो इसका मतलब है, कि, नोड बंद हो गया है. ऐसे में पेसमेकर लगाने की जरुरत होती है. इस दौरान मरीज बेहोश हो सकता है. क्योंकि दिल की झड़कन बहुत कम हो जाती हैं.
पेसमेकर की कीमत
डॉक्टर का कहना है कि, ज्यादातर होता हार्ट अटैक के वक्त धड़कन की स्पीड बढ़ जाती है. इस वक्त भी पेसमेकर की जरूरत होती है. इस दौरान टेंपररी पेसमेकर लगाया जाता है. इस पेस मेकर का दाम 50000 से 2 लाख के बीच में है.आपको पेसमेकर लगाना है या नहीं लगाना इसके लिए एक टेस्ट किया जा सकता है. उसका नाम है हॉल्टर मॉनिटरिंग एच ओ एल टी ई आर हॉल्टर मॉनिटरिंग है. जिससे ये पता चल जाता है आपका हार्ट रेट पूरे दिन में कहां से कहां तक घूम रहा है. अगर हर वक्त 50 के ऊपर जा ही नहीं रहा है तो इस समय पेसमेकर लगना बहुत जरुरी है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
