शुक्रवार, जनवरी 2, 2026
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High Blood Pressure: ‘गोली को होली में..’ फेमस डॉक्टर रवि गोडसे ने बताया बीपी को नापने का सही तरीका, जानें कब लेनी चाहिए दवा?

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High Blood Pressure: अमेरिका में रहने वाले जाने-माने वाले डॉक्टर रवि गोडसे सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं। वो अकसर गंभीर बीमारियों से निबटने के इलाज के बारे में बताते रहते हैं। डॉक्टर रवि गोडसे अमेरिका के पिट्सबर्ग में इंटरनल मेडिसिन के एस्पर्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। डॉक्टर साहब के द्वारा सबसे ज्यादा लोगों को तंग करने वाली ब्लड प्रेशर की बीमारी के बारे में बताया जा रहा है। उनका कहना है कि, बीपी की गोली जिंदगी भर खाने की जरुरत नहीं होती है। अगर हाई या फिर लो ब्लड प्रेशर को सही तरीके से नापा जाए तो इसका इलाज भी सही तरीके से किया जा सकता है। उनका कहना है कि, ‘ब्लडप्रेशर की गोली जीवन बीमा नहीं, इसीलि गोली को होली में डाल दो “

High Blood Pressure: को नापते हुए किन बातों का रखें ध्यान?

डॉक्टर रवि गोडसे ब्लड प्रेशर को नापने के सही तरीके के बारे में बता रहे हैं। उनका कहना है कि, ब्लड प्रेशर की समस्या को जांचने से पहले घर पर ही इसे चेक कर लें। इसकी रीडिंग लेते हुए मन और तन दोनों को शांत रखें।

देखें वीडियो

अगर आप डॉक्टर के पास जल्दी में जा रहे हैं और सीढ़ियों पर चढ़ रहे हैं तो बहुत मुमकिन है कि, बीपी में गड़बड़ी आए। इसीलिए ब्लड प्रेशर मापने से पहले 30 मिनट तक चाय-कॉफी जैसे कैफीन युक्त पदार्थ ना लें। वहीं, शांत बैठकर आराम करें और पीठ सीधी दीवार पर टिकाएं । इस दौरान पैर ज़मीन पर होने चाहिए। इसके साथ ही बॉडी का पॉश्चर सीधा होना चाहिए। जल्द बाजी में ली गई बीपी की रीडिंग खराब आ सकती है। डॉक्टर रवि गोडसे ये भी कह रहा है कि, जिंदगी भर ब्लड प्रेशर की दवा खाने का जरुरत नहीं है। अगर बीपी बॉर्डर लाइन पर हैं तो दवा के सेवन करने पर मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है। डॉक्टर रवि गोडसे के वीडियो को एक्स पर न्यूज 24 ने डाला है।

ब्लड प्रेशर के कारण, लक्षण और लेवल

ब्लड प्रेशर हद से ज्यादा बढ़ा हुआ घटा हुआ दोनों ही स्थितियों में खराब होता है। इसके प्रमुख कारण, तनाव, शराब, धूम्रपान, अधिक नमक, नींद की कमी आदि होते हैं। अगर खराब लाइफ स्टाइल है तो बीपी की समस्या हो सकती है। बीपी अगर हद से ज्यादा बढ़ जाए तो दिल और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। बीपी बढ़ने पर चक्कर आना, दिल की धड़कन धीमी या फिर तेज हो जाना है। सांस फूलना , सीने में बेचैंनी , नाक से खून आना और छाती में दर्द होना है। अगर बीपी 180/120 mmHg से अधिक आता है तो ये हाई होता है। जिसे कंट्रोल करने के लिए दवा दी जाती है। वहीं, अगर ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से नीचे है तो ये लो है और इस स्थिति में दवा की जरुरत होती है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Aarohi
Aarohihttps://www.dnpindiahindi.in/
आरोही डीएनपी इंडिया हिन्दी में देश, राजनीति , सहित कई कैटेगिरी पर लिखती हैं। लेकिन कुछ समय से आरोही अपनी विशेष रूचि के चलते ओटो और टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई निफ्टू यूनिवर्सिटी से पूर्ण की है और लंबे समय से अलग-अलग विषयों की महत्वपूर्ण खबरें लोगों तक पहुंचा रही हैं।

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