Prediabetes: डायबिटिज के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीमारी का फर्स्ट लेवल प्रीडायबिटीज होता है। अगर इसे समय रहते कंट्रोल किया जाए तो शुगर होने से रोका जा सकता है। अगर आप भी प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं तो इससे बचने का तरीका और लक्षण डॉक्टर सलीम जैदी से जानें। इससे आपको भविष्य में फायदा हो सकता है। ये हर आयु वर्ग के लोगों के लिए हैं।
Prediabetes का कैसे करें पता?
डॉक्टर सलीम जैदी प्रीडायबिटीज को पहचानने का सबसे सटीक तरीका ब्लड टेस्ट बता रहे हैं। ये HbA1c टेस्ट और फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट है। ये जांच 3 महीनों का औसत ब्लड शुगर लेवल बताता है। हेल्थ एक्सपर्ट इसके तीन लेवल बता रहे हैं। अगर शुगर लेवल 5.7% है तो नॉर्मल है। वहीं, 5.7% से 6.4% के बीच है तो प्रीडायबिटीज माना जाता है।
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वहीं, अगर ये लेवल बढ़ जाए और 6.5% या उससे अधिक हो जाए तो पीड़ित को शुगर हो गया है। वहीं, शुगर की जांच फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट से भी कराई जाती है। इसमें निहार मुंह बल्ड का सेंपल देना होता है। अगर टेस्ट कराने पर 100 mg/dL से कम का लेवल आ रहा है तो नॉर्मल है। वहीं, 100 mg/dL से 125 mg/dL के बीच में है तो प्रीडायबिटीज है। इसके साथ ही 26 mg/dL या उससे अधिक है तो ये डायबिटिज है। इन टेस्ट के जरिए आप अपने शुगर का लेवल चेक करवा कर इलाज करवा सकते हैं।
प्रीडायबिटीज के लक्षण
अगर कोई प्रीडायबिटीज से जूझ रहा है तो उसके शरीर में कुछ लक्षण दिखते हैं। शरीर के कई हिस्से काले पड़ने लगते हैं। इसमें गर्दन , बगल, कोहनी और पेट के आस-पास का हिस्सा है। वही, अगर भोजन के तुरंत बाद अत्यधिक थकान लग रही है तब भी ये डायबिटीज होने का लक्षण है। इसके साथ ही बढ़ता मोटापा भी इसका प्रमुख कारण माना जाता है। बार-बार पेशाब आना या फिर आंखों से धुंधला दिखना या फिर घाव का देरी से भरना भी इसके लक्षण हैं।
Prediabetes को Diabetes में बदलने से कैसे रोकें?
अगर आपको प्रीडायबिटीज हो गया है तो अपनी डाइट में हरी सब्जियों की मात्रा अधिक कर दें। सलाद ज्यादा से ज्यादा खाएं। वहीं, प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा दें। इसके साथ ही मीठा बिस्कुट, चीनी, गुड़, पैकेटबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक्स और फास्ट फूड को पूरी तरह से बंद कर दें। वजन कम करने के साथ रोजाना एक्सरसाइज और योग करें। इसके साथ ही मीठी चीजों और शराब को अपनी डाइट से पूरी तरह से हटा दें। इससे धीरे-धीरे शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
