Love Bite Side Effect: नई जनरेशन के कपल में लव बाइट या फिर हिक्की देने का क्रेज पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें, ये वो नीले निशान होते हैं जो कि, पार्टनर के द्वारा गले या फिर बॉडी के अन्य हिस्सों में दिए जाते हैं। नीले और गहरे लाल दिखने वाले निशान जान तक ले सकते हैं। ये बात लोगों को चौंका सकती है। लेकिन ऐसा हो चुका है। अलग-अलग समय में हिक्की जानलेवा साबित हुई है। लव बाइट से जुड़े पुराने मामले के वायरल फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। जिसमें 17 साल के लड़के की जान सिर्फ इसीलिए चली गई क्योंकि उसकी पार्टनर ने गर्दन पर गहरी लव बाइट दे दी थी। हिक्की ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकती है। आज हम आपको लव बाइट के साइड इफेक्ट के बारे में बताने जा रहे हैं।
गले पर मिली लव बाइट ने ली युवक की जान
लव बाइट से एक युवक की मौत हो चुकी है। साल 2010 में पहला मामला न्यूजलैंड से आया था। यहां पर 44 साल की महिला को लव बाइट से लकवा हो गया था। गर्दन की नस में खून का थक्का जमने से ऐसा हुआ था। जिसके बाद डॉक्टर्स ने बहुत ही मुश्किल से जान बचाई थी।
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— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 27, 2026
डेनमार्क में भी 35 साल की महिला को लव बाइट से स्ट्रोक पड़ गया था। लेकिन समय पर इलाज मिलने पर उसकी भी जान बच गई। लेकिन साल 2016 में मेक्सिको में 17 साल के जूलियो मासियास गोंजालेज की हिक्की ने जान ले ली। जुलियो की पार्टनर ने इतनी भयंकर लव बाइट दी की उसकी गर्दन की नस में खून जम गया और स्ट्रोक पड़ने से मौत हो गई। इंटरनेट पर इसी लड़के का फोटो अब सालों बाद दोबारा से वायरल किया जा रहा है।
Love Bite Side Effect: हिक्की कैसे ले सकती है जान?
गर्दन पर पड़ी लव बाइट इसी लिए जानलेवा बन सकती है क्योंकि यहां पर दिल और दिमाग को कनेक्ट करने वाली खास तरह की कैरोटिड आर्टरी नस होती है। अगर इस पर बहुत ज्यादा लव बाइट की जाती है तो इसमें खून का थक्का जम जाता है। ‘कैरोटिड साइनस’ के दबते ही ब्लड प्रेशर गिर जाता है। जिसके कारण पीड़ित की मौत हो सकती है। साल 2016 में हिक्की के कारण मरने वाले जूलियो मासियास गोंजालेज ने इसीलिए अपनी जान गंवाई थी। इसीलिए पार्टनर के गले पर प्यार के निशान छोड़ने से पहले सावधान रहे। क्योंकि जरा सी लापरवाही किसी की जिंदगी को छीन सकती है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
