High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर दिल और दिमाग दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है. हाइपरटेंशन के दौरान धमनियों पर खून का दबाव बहुत ज़्यादा पड़ता है, जिससे दिल को खून को पंप करने के लिए ज़्यादा काम पड़ता है. इस स्थिति में हार्ट अटैक पड़ सकता है. वहीं, जानलेवा स्ट्रोक भी हो सकता है. डॉक्टर का कहना है कि, 130/80 mmHg से ऊपर अगर ब्लड प्रेशर जा रहा है तो इसे कंट्रोल करने की जरुरत होती है. डॉक्टर सलीम जैदी का कहना है कि, अंग्रेजी दवाएं जल्दी फायदा करती हैं लेकिन काफी नुकसान भी शरीर को पहुंचाती हैं. इसीलिए वो तीन ऐसी देसी औषधियां बता रहे हैं. जिनके इस्तेमाल से बढ़े हुए बीपी को कंट्रोल किया जा सकता है.
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अर्जुन की छाल हाई बीपी में देगी राहत
अर्जुन की छाल बढ़े हुए बीपी को कंट्रोल करके उसे खत्म कर सकती है. अर्जुन की छाल रक्त वाहिकाओं की मरम्मत करती है. इससे तनाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक होता है. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स कम होता है. अर्जुन की छाल का इस्तेमाल गर्म दूध के साथ पीसकर कर सकते हैं. वहीं, गर्म पानी में भी एक चम्मच डालकर इसे पी सकते हैं. इसमें फाइटोस्टेरॉल, फाइटोकेमिकल्स ,पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं.
अश्वगंधा तनाव से दिलाएगा मुक्ति
अश्वगंधा को एडाप्टोजेनिक जड़ी-बूटी माना जाता है. इसके सेवन से तनाव कम होता है. जिसकी वजह से बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर अपने आप कम हो जाता है. ये शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है. इसका सेवन गर्म दूध, पानी और कैप्सूल के रुप में कर सकते हैं. इसमें विथेनिन, सोम्निन , एनफेरिन ,एल्कलॉइड्स और अमीनो एसिड पाया जाता है.
सर्पगंधा High Blood Pressure को करेगा कंट्रोल
सर्पगंधा के इस्तेमाल से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है. ये रक्त वाहिकाओं को आराम देता है. ये नर्वस सिस्टम को ठीक करता है. इतना ही तनाव को भी कम करता है. जिसकी वजह से हाई बल्ड प्रेशर कम होता है. यह मस्तिष्क को शांत करके तनाव और घबराहट को कम करता है.इसका सेवन पाउडर, कैप्सूल ,काढ़े के रूप में दूध, पानी, शहद और घी के साथ किया जा सकता है. इसमें प्रमुख रुप से विथानोलाइड्स , एल्कलॉइड्स और फ्लेवोनोइड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






