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Liver Cirrhosis को दावत देती हैं ये चीजें, जाने कितनी जानलेवा है ये बीमारी? इलाज कैसे कराए?

Liver Cirrhosis

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Liver Cirrhosis: लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग होत है. ये रक्त को छानकर शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है. अगर इसमें जरा सी भी प्रोब्लम हो जाए तो ये दिल और दिमाग दोनों को प्रभावित करता है. लिवर की सबसे जानलेवा बीमारी सिरोसिस है. ये गंभीर रुप लेते ही कैंसर में बदल जाती है और रोगी की जान ले लेती है. कई लोगों को बिना शराब का सेवन किए ये बीमारी हो जाती है. लिवर सिरोसिस के लक्षण, कारण और उपाय की जानकारी देश के जाने-माने चिकित्सक सरीन दे रहे हैं.

Liver Cirrhosis कैसे होता है?

लिवर सिरोसिस में लिवर के स्वस्थ टिशू  मर जाते हैं और काले निशान छोड़ते जाते हैं. हेपेटाइटिस B और C जैसे पुराने संक्रमण लिवर सिरोसिस को जन्म देते हैं. वहीं, लंबे समय तक शराब पीना भी इस जानलेवा बीमारी को दावत देता है. डायबिटिज भी इसका एक कारण मानी जाती है.

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वीडियो क्रेडिट:The Lallantop

कभी-कभी दवाओं का साइड इफेक्ट भी लिवर को प्रभावित करता है. इस गंभीर बीमारी में लिवर पर काले-काले धब्बे पड़ जाते हैं और काम करना बंद कर देता है. जिसके बाद मरीज की नाक-मुंह से खून आना और पेट में पानी भर जाता है. स्थिति बिगड़ने पर मरीज की मौत तक हो जाती है.

लिवर सिरोसिस के लक्षण  

  1. लिवर सिरोसिस में मरीज के शरीर पर अचानक से खुजली होना शुरु हो जाती है.
  2. शरीर में थकावट के साथ तेज दर्द होता है.
  3. खाना पचाने में दिक्कत होती है, इसके साथ ही मल और मूत्र का रंग बदल जाता है.
  4. शरीर को अचानक से पीलिया की बामीरी घेर लेती है.
  5. भूख कम होने से तेजी से वजन गिरता है.
  6. दिमाग को भ्रम होना शुरु हो जाता है.

लिवर सिरोसिस का इलाज

डॉ. सरीन का कहना है कि, लिवर सिरोसिस के मरीजों के नमक का सेवन बंद कर देना चाहिए. इसके साथ ही भोजन में प्रोटीन युक्त चीजों को बढ़ा देना चाहिए. उनका कहना है कि, स्थिति बिगड़ने पर एंडोस्कोपी और बैंडिंग करना जरुरी हो जाती है. इसके साथ ही लिवर ट्रांसप्लांट ही इसका लास्ट इलाज है.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

 

 

 

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