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Meditation: क्या ध्यान सच में स्ट्रेस करता है कम? आयुर्वेदिक और विज्ञान दोनों कह रहे हैं ‘हां’

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Photo Credt- Google Meditation

Meditation: आजकल बिजी लाइफस्टाइल में सबसे ज्यादा लोगों द्वारा जो परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वह है स्ट्रेस जिसकी वजह से ज्यादातर लोग स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। क्या आपको पता है कि आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के हिसाब से ध्यान करने से आप स्ट्रेस को कम कर सकते हैं। यह कॉर्टिसोल को कम करता है और सेरोटोनिन को बढ़ाता है जिसकी वजह से मेडिटेशन का अपना ही एक अलग महत्व बताया गया है। आपको यह जानकर हैरानी होगी लेकिन सिर्फ 10 मिनट की शुरुआत कर आप स्ट्रेस को न सिर्फ कम कर सकते हैं बल्कि अपनी जीवनशैली को सुधार सकते हैं।

आयुर्वेद में मेडिटेशन के फायदे और स्ट्रेस को कम करने में कारगर

जहां तक ध्यान यानी मेडिटेशन की बात करें तो यह स्ट्रेस को कम करने में बेहद प्रभावी बताया गया है। आयुर्वेद की माने तो ध्यान मन को शांत करता है जिसकी वजह से अनिद्रा जैसी समस्याओं से आप निजात पा सकते हैं। इसकी वजह से आप कॉर्टिसोल को कम कर सकते हैं जो आपकी मानसिक शांति बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता में वृद्धि और इमोशनल सपोर्ट लाने में भी मदद कर सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आयुर्वेद की माने तो यह एंजायटी लेवल को कम कर सकता है।

क्या है मेडिटेशन बेनिफिट और ब्रेन केमिस्ट्री का कनेक्शन

जहां तक बात करें मेडिटेशन के वैज्ञानिक साइड की तो कहा जाता है कि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि ब्रेन केमिस्ट्री को स्ट्रेस फ्री बनाने में यह कारगर है। इसकी वजह से कॉर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन का स्तर काफी हद तक कम हो जाता है और इसकी वजह से आपको फायदा मिलता है। यह चिंता और अवसाद को कम करने के लिए मददगार है।

10 मिनट के Meditation से मिलेंगे आपको फायदे

मेडिटेशन की बात करें तो कहा जाता है कि यह आपके मन को आराम देता है आपके इमोशंस पर कंट्रोल करता है। आप तनाव मुक्त रह सकते हैं। ऐसे में नियमित रूप से 10 से 15 मिनट का ध्यान आपको स्ट्रेस फ्री लाइफ देने के लिए कारगर है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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