Houthis: पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और हूतियों के बीच जारी तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को यह तनाव और बढ़ता दिखा, जब इस समूह ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं और हवाई अड्डों को निशाना बनाते हुए नए हमलों का दावा कर दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया। यमन के हूतियों का दावा किया है कि उसने सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों, रिफाइनरी और कई हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। यमन की सऊदी-समर्थित सरकार ने अपने बयान में कहा है कि इस समूह ने दक्षिणी यमनी बंदरगाह शहर अदन में कोस्ट गार्ड के ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन घटनाओं से क्षेत्र में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
Houthis ने सऊदी अरब को बनाया निशाना
आपको बता दें कि 24 अक्टूबर दिन शनिवार को यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, निशाने वाले योजना में सऊदी अरामको का यान्बू स्थित प्रतिष्ठान, राबिघ तेल रिफाइनरी और रियाद, दम्माम तथा नजरान के हवाई अड्डे थे। साथ ही उन्होंने खमीस मुशैत स्थित एयरबेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो, हूतियों ने ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को भी निशाने पर रखने की बात कही है।
हूतियों ने मक्का-मदीना पर अटैक से किया इनकार
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने हूतियों के तमाम दावों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, बताया गया है कि कथित तेल ठिकानों में से एक के पास मिसाइल के मलबे गिरे हैं। इन सबके बीच हूती विद्रोहियों ने इस बात पर साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने मक्का मदिना पर किसी भी तरह का हमला किया है। दरअसल, सऊदी नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) की ओर से कहा गया था कि हूतियों की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोके जाने के बाद उनके मलबे कई इलाकों में गिरे मिले। उन्होंने आगे कहा कि मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर मिसाइलें दागी गई थीं, जिनमें से दो मिसाइलों के हिस्से मक्का के वादी अल-मुघम्मस में गिरे मिले।







