---Advertisement---

Lok Sabha Election 2024 को लेकर CM Nitish की विपक्षी एकता मीटिंग को Mayawati ने दिया बड़ा झटका, बिहार प्रभारी ने दी सफाई

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के चुनावों के समय की उल्टी गिनती चालू हो चुकी है। 2014 से अपराजेय दौड़ रहे पीएम मोदी के अश्वमेध यज्ञ के रथ को हराने का साहस अलग अलग राज्यों के कई सेनापति जोर आजमाइश करना शुरू कर चुके हैं। जिसमें से एक बिहार के सीएम नीतीश कुमार ...

Read more

Avatar of Hemant Vatsalya

By: Hemant Vatsalya

Published: जून 11, 2023 10:00 अपराह्न | Updated: जून 12, 2023 12:21 अपराह्न

Follow Us
---Advertisement---

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के चुनावों के समय की उल्टी गिनती चालू हो चुकी है। 2014 से अपराजेय दौड़ रहे पीएम मोदी के अश्वमेध यज्ञ के रथ को हराने का साहस अलग अलग राज्यों के कई सेनापति जोर आजमाइश करना शुरू कर चुके हैं। जिसमें से एक बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) भी हैं। जो भाजपा को धूल चटाने की मुहिम में अपने मोहरे सेट कर रहे हैं। पत्ते फेंट रहे हैं। इसी महत्वाकांक्षा में 2024 का नेतृत्व संभालने की कसक है जो विपक्ष के नेतृत्व की उम्मीद के पीछे जीवित है। इसीलिए वह अब आगामी 23 जून को पटना में विपक्षी पार्टियों के नेताओं की एक बैठक बुला रहे हैं । जो पहले 12 जून को बुलाई गई थी। इस बैठक में 15 से अधिक राज्यों के विपक्षी पार्टियों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। लेकिन देश की कद्दावर दलित नेता मानी जाने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) जी इन बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा करके सीएम नीतीश कुमार की इस कवायद को जोर का झटका दे दिया है।

जानें क्या है बसपा का स्टैंड

बिहार के बसपा प्रभारी अनिल सिंह ने सीएम नीतीश कुमार की इस कवायद पर बयान देते हुए कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है, कि वह इस विपक्ष की एकता का हिस्सा नहीं बनेगी। उसने तय कर लिया है कि आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मकसद साफ है कि दलितों के उत्थान के साथ दलित होना चाहिए। जिसके लिए मायावती से बेहतर कोई विकल्प नहीं।

इसे भी पढ़ेः युद्ध में निवाला बने Ukraine के बांध से आई बाढ़ की भयानक त्रासदी, Russia के सामने UN भी हुआ बेबस

जीतनराम मांझी को नहीं दिया न्यौता

जीतनराम मांझी को भी इस बैठक के लिए आमंत्रित नही किया गया। जो कि महागठबंधन में सहयोगी हैं। मांझी इस समय बिहार में बड़े दलित चेहरे में से एक हैं। इसके बाद उनका भी विपक्षी एकता में शामिल होना दूर की कौड़ी हो गया है। इसका असर दूर तक दिखने वाला है। जब अंतिम निर्णय की घड़ी आएगी तब विपक्षी एकता के धुरंधरों को महंगा पड़ने की आशंका जताई जा रही हैं।

इसे भी पढ़ेंः Uttarakhand में बढ़ते Love Jihad के मामलों के बीच एक्शन में आया शासन और प्रशासन, उठाया बड़ा कदम

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Avatar of Hemant Vatsalya

Hemant Vatsalya

Hemant Vatsalya Sharma DNP INDIA HINDI में Senior Content Writer के रूप में December 2022 से सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने Guru Jambeshwar University of Science and Technology HIsar (Haryana) से M.A. Mass Communication की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने Delhi University के SGTB Khalasa College से Web Journalism का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है। पिछले 13 वर्षों से मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

CM Bhagwant Mann

मई 13, 2026

CM Bhagwant Mann

मई 13, 2026

हरपाल सिंह चीमा

मई 13, 2026

Punjab News

मई 13, 2026

Punjab News

मई 13, 2026

Punjab News

मई 13, 2026