Nepal Flood: नेपाल-चीन सीमा पर अचानक कुदरत का कहर देखने को मिला और इसकी वजह से जल जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जहां सैकड़ो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसका सर न सिर्फ नेपाल बल्कि भारत पर भी देखने को मिला है जहां 139 भारतीय नागरिक को लापता हैं। कुल संख्या कितनी है इस पर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इसके पीछे चीन की शातिर चाल है। वहीं खतरे को देखते हुए बिहार और यूपी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है।
Nepal Flood से कितने लोगों की गई जान
रिपोर्ट की बात करें तो नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी के उफान आने से भयानक तबाही मची हुई है। वहीं कहा जा रहा है कि अचानक आई बाढ़ में लगभग 163 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 750 से ज्यादा लोग फिल्हाल गायब हैं। पानी के जबरदस्त बहाव से घर और पुलों को तिनके की तरह बहा दिया है। इस कुदरती आफत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो लोगों को झकझोर कर रख दे रहा है।
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए बचाव कार्य पर इस तरह जोर
नेपाल फ्लड की वजह से 13 पनबिजली प्रोजेक्ट्स को भारी क्षति पहुंची है और ढेरों गाड़ियां बह गई हैं। नेपाली सेना ने 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। हालांकि, लापता लोगों में 139 भारतीय भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से प्रभावितों तक राशन, दवाइयां और टेंट पहुंचाए जा रहे हैं। इसके साथ ही लोग अपने परिजनों को ढूंढ रहे हैं। अलग-अलग लेवल पर राहत कार्य फिलहाल जारी है
नेपाल की वजह से कैसे भारत में भी मुसीबत
वहीं कहा जा रहा है कि नेपाल में उफनती नदियों का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार के निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ अन्य केंद्रीय एजेंसियां लगातार पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर चर्चा कर हर तरह का सहयोग देने का वादा किया है।
क्या इस बड़ी आफत के पीछे चीन है वजह
इस अचानक आपदा को लेकर चीन की नीयत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बीजिंग ने बाढ़ की पूर्व सूचना नेपाल के साथ साझा नहीं की। हालांकि बचाव में चीन ने इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ी और चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने कहा कि वह खुद इस आपदा से प्रभावित हुआ है फिर भी वह नेपाल को आर्थिक मदद और राहत सामग्री भेजने में पीछे नहीं हट रहा है। अब इसके पीछे असली वजह क्या है इस पर लोगों की नजरे रहने वाली है।







