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भारत में मिला 15 तरह के Rare Minerals का भंडार, फोन से लेकर जेट विमान तक बनाने में होता है उपयोग!

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में दुर्लभ पृथ्वी तत्व का भंडार पाया गया है। दरअसल एनजीआरआई के वैज्ञानिक साइनाइट जैसी गैर पारंपरिक चट्टानों के लिए एक सर्वेक्षण कर रहे थे।

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By: Anjali Sharma

Published: अप्रैल 5, 2023 12:55 अपराह्न

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Rare Minerals: देश में आए दिन महत्वपूर्ण खनिज भंडार खोजे जा रहे हैं। जिससे देश की अर्थव्यवस्था बढ़ती जाएगी। गौरतलब है कि, इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में दुर्लभ पृथ्वी तत्व का भंडार पाया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि, इन तत्वों का इस्तेमाल सेलफोन टीवी और कंप्यूटर से लेकर ऑटोमोबाइल तक दैनिक उपयोग में किया जाता है। हैदराबाद में नेशनल जियोफिजिकल स्थित इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।

एलानाइट सीरिएट सहित कई अन्य तत्व मिलें

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में दुर्लभ पृथ्वी तत्व का भंडार पाया गया है। दरअसल एनजीआरआई के वैज्ञानिक साइनाइट जैसी गैर पारंपरिक चट्टानों के लिए एक सर्वेक्षण कर रहे थे। इसी दौरान लैंथेनाइड सीरीज में खनिजों की महत्वपूर्ण खोज की गई है। गौरतलब है कि, पहचान किए गए तत्व में एलालाइट, सीरिएट, थोराइट, कोलम्बाइट, टैंटालाइट, एपेटाइट, जिरकोन, मोनाजाइट, पायरोक्लोरो युक्सेनाइट, और फ्लोराइट शामिल है।

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अलग-अलग आकार का जिक्रोन देखा गया

नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने इन तत्वों की खोज की है। एनजीआरआई के वैज्ञानिक बीवी सुंदर राजू ने कहा कि, अनंतपुर में अलग-अलग आकार का जिक्रोन देखा गया। उन्होंने कहा कि, मोना साइड के दोनों में इलाज के भीतर रेडियल दरारों के साथ कई रंगे दिखाई दिए हैं। जो यह संकेत देते हैं कि इनमें रेडियोएक्टिव तत्व मौजूद हैं। इसके अलावा पीवी सुंदर राजू ने यह भी कहा कि अनंतपुर में अलग-अलग आकार का जिक्रोन देखा गया है और इसके बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए दीप ड्रिलिंग करके और अध्ययन करना आवश्यक होगा।

फोन से लेकर जेट के निर्माण में होता है इस्तेमाल

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में पाए गए तत्व का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा एयरोस्पेस रक्षा और स्थाई चुंबक ओं के निर्माण में भी किया जाता है। जो इलेक्ट्रॉनिक्स पवन टरबाइन जेट विमानों और अन्य कई उत्पादों में किया जाता है। मुख्य डेंसेटेलाइट अंडाकार आकार की है जिसका क्षेत्रफल 18 किलोमीटर वर्ग की है। एक वैज्ञानिक ने जानकारी देते हुए बताया है कि इन खनिजों की क्षमता को बढ़ाने के लिए 300 नमूनों पर और अध्ययन किया गया।

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Anjali Sharma

अंजलि शर्मा पिछले 2 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। अंजलि ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल अंजलि DNP India Hindi वेबसाइट में कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं।
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