Cancer: क्या मीठा खाने से डायबिटीज नहीं कैंसर का रिस्क भी बढ़ता है। इस बारे में अगर आपको भी कोई गलतफहमी है तो आइए जानते हैं इसे लेकर डॉक्टर तरंग कृष्ण ने क्या कहा जो जाहिर तौर पर आपके लिए भी शॉकिंग हो सकता है। चीनी और कैंसर का आखिर क्या होता है कनेक्शन। क्या वाकई में चीनी बंद करने से कैंसर कोशिकाएं खत्म हो जाती है। अगर आप भी इसे लेकर गलतफहमी में है तो डॉक्टर ने सच्चाई और मिथ के बारे में बताया है और इसके साथ ही सफेद चीज को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
क्या है मीठा और कैंसर का कनेक्शन
दरअसल शुभांकर मिश्रा के साथ इंटरव्यू में जब तरंग कृष्ण से पूछा जाता है कि क्या मीठा छोड़ने से कैंसर मरता है तब वह जो जवाब देते हैं वह आपको हैरान कर सकता है। वह कहते हैं कि मीठा छोड़ने से कैंसर बढ़ता है यह सही नहीं है लेकिन अगर आप सफेद चीज को अपनी जिंदगी से हटा दे तो कैंसर का रिस्क कम हो जाता है।
Cancer को लेकर क्यों रिस्की है दूध सहित ये चीजें
इस दौरान डॉक्टर सफेद चीज का जिक्र करते हुए ,बताते हैं कि इसमें दूध, चावल, चीनी और मैदा का नाम है जो आपके लिए कैंसर में रिस्की है। जब दूध का जिक्र होता है तब शुभांकर मिश्रा उनसे सवाल करते हैं कि दूध को हेल्दी कहा जाता है और इससे ताकत आती है ऐसा कहा जाता है। जिस पर डॉक्टर तरुण कृष्ण कहते हैं कि अगर दूध गुजरात की गीर गाय का है जो A2 मिल्क होता है। अगर आप वह पी रहे हैं तो आपकी इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होगी लेकिन अगर जो आर्टिफिशियल दूध मिल रहे हैं वह पीने से बचें। इसके साथ ही डॉक्टर यह भी कहते हैं कि दूध, दही, पनीर तब होता था जब वह शुद्ध मिलते थे।
ऐसे में निश्चित तौर पर कैंसर के रिस्क को बढ़ाने में चीनी या मीठे का कोई योगदान नहीं है लेकिन आप डाइट सुधार कर रिस्क को कम कर सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
