Cervical Cancer: सबसे ज्यादा होने वाली कैंसर की बात करें तो इस लिस्ट में सर्वाइकल कैंसर का नाम दूसरे नंबर पर आता है जहां लोग इस कैंसर से काफी डरते हैं। महिलाओं में होने वाला यह कैंसर साल में लगभग 3.5 लाख महिलाओं की मौत की वजह बनती है। ऐसे में यह जान लेना बेहद जरूरी है कि आखिर सर्वाइकल कैंसर क्या होता है और उसकी रोकथाम के लिए क्या उपाय है। इसके साथ ही 14 वर्ष की लड़कियों के लिए सरकार ने नई पहल की शुरुआत की है और एचपीवी वैक्सीनेशन की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे आप सर्वाइकल कैंसर से अपनी बेटी को बचा सकते हैं।
आखिर क्या होता है सर्वाइकल कैंसर
दरअसल सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सरविक्स में होने वाला कैंसर है जो एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से फैलता है। कहा जाता है कि इसकी शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं जिसकी वजह से महिलाओं की मौत की स्थिति आ जाती है। आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर के कोई भी लक्षण नहीं बताए गए हैं लेकिन पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग, योनि डिस्चार्ज से लेकर इंटिमेट होने के दौरान दर्द होना बताया गया है।
कैसे करें सर्वाइकल कैंसर से रोकधाम
सर्वाइकल कैंसर के रोकधाम के बारे में अगर बात करें तो एचपीवी टेस्ट के जरिए इस हाई रिस्क वायरस का पता लगाया जाता है। समय रहते अगर इसका इलाज करवा दिया जाए तो महिलाएं ठीक हो सकती है। इसके अलावा पैप स्मियर टेस्ट भी काफी पॉपुलर है जिससे कैंसर का पता लगाया जाता है। एचपीवी वैक्सीनेशन के जरिए भी सर्वाइकल कैंसर के रिस्क को 97% तक कम किया जा सकता है।
Cervical Cancer से कितनी महिलाओं को है रिस्क जिसके लिए जीवनदायिनी है वैक्सीन
अगर रिपोर्ट की बात करें तो भारत में हर साल करीब 1.15 करोड़ लड़कियां 14 वर्ष की उम्र में पहुंचती हैं। जिन पर सर्वाइकल कैंसर का रिस्क होता है। ऐसे में 6.5 लाख महिलाएं अभी भी इस कैंसर से हर साल पीड़ित हो रही हैं जिसमें से 3.5 लाख लोग महिलाओं की मौतें हो रही है। ऐसे में क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन एचपीवी के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देती है। यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करती है। कैंसर के खिलाफ जंग में केंद्र सरकार 14 साल की लड़कियों के लिए फ्री एचपीवी वैक्सीनेशन शुरू करने जा रही है। यह जरूरतमंदों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






