Diabetes: शुगर को अक्सर मोटापे से जोड़ा जाता है और कहा जाता है कि मोटे लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है लेकिन नॉर्मल वजन के लोगों में आखिर क्यों यह समस्या होती है। आखिर किन-किन कारणों से नॉर्मल वजन वाले लोग भी डायबिटीज के मरीज बन जाते हैं। इस बारे में बात करते हुए एक्सपर्ट ने बताया कि कैसे आप अपने रिस्क को कम कर सकते हैं। अगर आपका वजन कंट्रोल में है फिर भी आपको डायबिटीज है तो जान ले कि कौन से तीन कारण है जो आपको इस बीमारी के रिस्क की तरफ धकेलता है।
मशल्स कम होना बन सकता है Diabetes का कारण
आपका वजन नॉर्मल है लेकिन आपकी उम्र के हिसाब से धीरे-धीरे मसल्स कम हो जाते हैं और यह आपका सबसे बड़ा स्पंज है जो शक्कर और चर्बी को जलाने वाला होता है। ऐसे में वजन को देखकर आप यह ना सोचे कि आपका शुगर नॉर्मल है और आप सेफ है।
लिवर पेनक्रियाज के अंदर की चर्बी है ऐसे रिस्की
आपके लिवर, पेनक्रियाज के अंदर 1 ग्राम भी चर्बी बढ़ गया तो आपको लगेगा कि सिर्फ इतने बढ़ने से क्या होगा लेकिन इससे आपका इन्सुलिन प्रोडक्शन में समस्या आती है। लिवर में फैट भी बढ़ जाती है और फैटी लीवर बढ़ने लग जाता है। अगर आपका वजन कम है फिर भी लिवर या फिर पेनक्रियाज के आसपास चर्बी जमा होती है जो इन्सुलिन रेजिस्टेंस की वजह बनती है।
क्या होता है थिन फैट जो है बेली फैट की वजह
यह वैसे लोग होते हैं जो दिखने में तो दुबले पतले होते हैं लेकिन शरीर के अंदर फैट जमा होता है। इसके साथ ही एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि यह उन लोगों में ज्यादा पाया गया है जिनका जन्म के समय वजन ढाई किलो से कम होता है। ऐसे में उनके पैंक्रियाज का साइज भी छोटा होता है ऐसे में इतना इंसुलिन नहीं बन पाता है और आप डायबिटीज से पीड़ित हो जाते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
