Eid ul Adha 2026: देश भर में 28 मई को ईद उल अजहा यानी बकरीद का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाने वाला है। इस खास दिन पर मस्जिदों में नमाज अदा करने के साथ-साथ कुर्बानी की रस्म बरसों से चलती आ रही है। यह त्यौहार भाईचारे का पैगाम देता है और इस दिन लोग एक दूसरे को दिल से मुबारकबाद देते हैं। त्याग समर्पण और इंसानियत के प्रतीक इस पर्व का इस्लाम धर्म में अपना ही एक महत्व है जो अमन, एकता और सद्भाव का संदेश देता है। आप भी कुर्बानी, दुआ और भाईचारे के दिन ईद उल अजहा 2026 पर अपनों को प्यार भरे पैगाम लिख सकते हैं।
Eid ul Adha 2026 पर अपनों से इस तरह बयां करें प्यार
- दीदार जिसका बरसों से था, वो हसीन शाम आई है,
महीने भर के सब्र के बाद, बकरीद का पैगाम लाई है।
आपको और आपके पूरे परिवार को बकरीद मुबारक!” - खुदा करे हर रात चांद बनकर आए,
दिन का उजाला शान बनकर आए,
कभी दूर न हो आपके चेहरे से मुस्कान,
हर दिन ऐसा मेहमान बनकर आए।
ईद उल अजहा 2026 की दिली मुबारकबाद!” - सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल,
दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल,
चारों तरफ फैले खुशियों का गीत,
इसी दुआ के साथ तुम्हें मुबारक हो बकरीद !” - ऐ चांद उनको मेरा ये पैगाम देना,
खुशी का दिन और हंसी की शाम कहना,
जब वो देखें तुझे बाहर आकर,
मेरी तरफ से उनको ‘बकरीद मुबारक’ कहना।” - दुआएं दिल से मिलती हैं, होंठों से नहीं,
शुरुआत अपनों से होती है, गैरों से नहीं,
यूं तो सब कहेंगे बकरीद मुबारक,
पर हमारी मुबारकबाद में वो बात है जो दूसरों में नहीं!” - जिंदगी का हर पल खुशियों से कम न हो,
आपका हर दिन ईद उल अजहा के दिन से कम न हो,
ऐसा बकरीद का दिन आपको हमेशा नसीब हो,
जिसमें कोई भी गम न हो।” - खुदा की राह में जो खुद को कुर्बान करते हैं,
वही लोग असल में खुदा का ध्यान करते हैं।
न हो कोई गम तुम्हारी जिंदगी के दामन में,
इसी दुआ के साथ हम आपको ईद उल अजहा 2026 का सलाम करते हैं!” - तमन्ना आपकी सब पूरी हो जाए,
हो आपका मुकद्दर ऐसा रोशन कि हर दुआ कुबूल हो जाए।
दुआओं में रखना याद हमेशा हमें,
आपको ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद सबसे पहले मिल जाए।” - कुर्बानी का जज्बा, दिलों में ईमान हो,
अल्लाह की रहमत से महकता हर इंसान हो।
मुबारक हो आपको बकरीद का यह पाक त्योहार,
आपकी हर जायज दुआ खुदा के यहाँ परवान हो।” - दीपक में अगर नूर न होता,
तो तन्हा दिल मजबूर न होता।
हम आपको खुद गले लगाने आते,
अगर आपका घर हमसे इतनी दूर न होता।
हैप्पी बकरीद मेरे दोस्त!” - अल्लाह की रहमत छाए आपके परिवार पर,
खुशियां ही खुशियां बिखरी हों इस त्योहार पर।
गम का साया भी न आए कभी आपके पास,
मुबारक हो आपको बकरीद का ये दिन खास।” - गले मिलकर मिटा दो आज शिकवे-गिले सारे,
ये त्योहार है मोहब्बत का, ऐ मेरे प्यारे।
खुदा तुम पर बरकतों की ऐसी बारिश करे,
कि तुम जो चाहो, वो सब मिल जाए तुम्हें हमारे।






