Health Tips: फोन में फिल्म और सीरीज देखकर क्या वाकई खुद को आप कर पाते हैं रिलेक्स, एम्स ट्रेंड विशेषज्ञ से जानें सच्चाई और वार्निंग

Health Tips: क्या आप भी खुद को रिलैक्स करने के लिए फोन में कार्टून या फिर वेब सीरीज और फिल्मों को देखते हैं। अगर हां तो डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने बताया कि आखिर यह आपके लिए कैसे मुसीबत है और इसकी सच्चाई क्या है।

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Photo Credit- Google Health Tips

Health Tips: यह सच है कि आज के समय में फोन आपकी जिंदगी के लिए एंटरटेनमेंट का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। लोग ओटीटी से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी समय व्यतीत करते हैं और इसे पसंदीदा टाइमपास मान चुके हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह आपके लिए किस हद तक नुकसानदायक है। अगर आप एंटरटेनमेंट समझ कर भी कुछ देर के लिए फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह आपके हेल्थ को किस तरह से प्रभावित करती है। इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने एक वीडियो जारी किया।

जानें मोबाइल देखना क्यों नहीं है हेल्दी

डॉ प्रियंका सेहरावत इस वीडियो में कहती है कि अगर आप स्क्रीन टाइम यानी अपने फोन का इस्तेमाल खुद को रिलैक्स करने के लिए कर रहे हैं तो शायद आप गलत हैं। यह आपके ब्रेन के लिए उल्टा होता है। इतने सारे इनपुट्स हर सेकंड और मिनट में बदलते रहते हैं। ये दिमाग को रिलैक्स कैसे कर सकते हैं। डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने यह भी कहा कि मेंटल रिलेक्स होने के लिए आपको कुछ और करने की जरूरत है। दिन भर थके होने के बाद अगर खुद को आप रिलैक्स महसूस करवाना चाहते हैं तो आपको स्क्रीन टाइम की जगह इन चीजों को करने की जरूरत है।

कैसे आप खुद को कर सकते रिलेक्स

इस दौरान डॉ प्रियंका कहती है कि आपको डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज के साथ-साथ जर्नलिंग करनी चाहिए। आप अपने विचारों को पेपर पर लिख सकते हैं और खाली समय में आप किताब पढ़ सकते हैं। आप चाहे तो टहलने के लिए जा सकते हैं। इतना ही नहीं गाना भी सुन सकते हैं। यह आपको सच में रिलैक्स कर सकता है।

Health Tips में जानें स्क्रीन का रात में क्या है नुकसान

अगर आप रात में स्क्रीन टाइम को अपना रिलैक्स पैटर्न मानते है तो या आपकी नींद के लिए भी खतरनाक है या आपकी एंजाइटी के साथ-साथ सिर दर्द और माइग्रेन को बढ़ा सकता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

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