Uric Acid: यूरिक एसिड हड्डियों के दर्द और सूजन को जन्म देता है। जिसके कारण पीड़ित का चलना-फिरने से लेकर उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है। कई बार दवाओं के सेवन से भी राहत नहीं मिलती है। ऐसे ही पीड़ितों के लिए देश के जाने-माने डॉक्टर बिमल छाजेर के द्वारा एक खास देसी चटनी खाने की सलाह दी जा रही है। उनका कहना है कि, इस चटनी को खाने से हड्डियों में जमा यूरिक एसिड पिघलने लगता है।
Uric Acid को खत्म करना है तो खाएं खास चटनी
डॉक्टर बिमल छाजेर का कहना है कि, ये घरेलू चटनी यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स को तोड़ने, शरीर से बाहर निकालने और जोड़ों की सूजन को दूर करने में मदद करती है। ये चटनी यूरिक एसिड को कंट्रोल करती है। इसे बनाने के लिए लहसुन, हरी मिर्च, मेथी के दाने , एप्पल साइडर विनेगर, जीरा, हल्दी, नींबू , सेंधा नमक , काला नमक एक-एक चम्मच लेना है। इस चटनी में एप्पल साइडर विनेगर यूरिक एसिड क्रिस्टल को जोड़ों में जमने से रोकता है।
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वीडियो क्रेडिट-SAAOL Heart Center
वहीं, नींबू में विटामिन-सी होता है, जो यूरिक एसिड को छोटे टुकड़ों में तोड़कर पेशाब से बाहर निकालता है। वहीं, लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये सूजन और दर्द में राहत देता है। मेथी के दाने डिटॉक्सीफाई का काम करते हैं। वहीं, हरी मिर्च विटामिन-सी और कैप्साइसिन मेटाबॉलिज्म को ठीक करती है। इसके साथ ही जीरा और हल्दी में करक्यूमिन और एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। सेंधा नमक और काला नमक शरीर में फ्लूइड बैलेंस करता है। इसीलिए ये चटनी रोजाना खाने से फायदा मिलता है।
यूरिक एसिड में होने वाले दर्द और सूजन को खत्म करने के लिए बनाएं खास चटनी
इस चटनी को बनाने के लिए लहसुन, हरी मिर्च, मेथी के दाने , एप्पल साइडर विनेगर, जीरा, हल्दी, नींबू , सेंधा नमक , काला नमक को मिक्स करके बारीक पीस लेना है। इसके बाद किसी एयरटाइट कंटेनर में बंद करके इसे कई महीनों तक यूज किया जा सकता है। इसे एक-एक चम्मच सुबह और शाम खाने से फायदा मिलता है। लेकिन ध्यान रखें इस चटनी के साथ दवा भी जरुर खाते रहें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
