Heart Fail: आजकल कम उम्र के लोगों को भी कई बीमारियों का खतरा देखा जा रहा है। निश्चित तौर पर इसमें हार्ट अटैक टॉप पर है। जहां छोटी सी उम्र में अचानक गिरने के बाद लोगों की मौत की खबरों ने लोगों में एक अलग ही टेंशन फैलाने का काम किया है लेकिन क्या आपको पता है कि इसके पीछे एक पोषक तत्व की कमी होती है। जी हां, यह हम नहीं बल्कि एक्सपर्ट मे इस वीडियो में बताया है और इसके साथ ही अगर आप इस कमी को ध्यान दें तो काफी हद तक संभव है कि आप हार्ट फेल के खतरे को कम कर सकते हैं।
जानिए हार्ट फेल के लिए किस पोषक तत्व का रखें ध्यान
एक्सपर्ट की माने तो वह पोषक तत्व पोटेशियम है जिसकी वजह से हार्ट फेल होने का रिस्क काफी हद तक बढ़ जाता है। अगर शुरुआती लक्षण पर गौर करें तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
पोटेशियम की कमी के क्या होते हैं 5 चेतावनी संकेत जो Heart Fail के लिए है रिस्की
मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द
अगर आपके भी मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द की समस्याएं हैं तो आपको सावधान होने के लिए कहा गया है। खासकर अगर आपके पैरों में अकड़न या फिर दर्द होता है तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
अचानक थकान और कमजोरी भी है लक्षण
पोटेशियम की कमी का एक लक्षण सामान्य थकान और कमजोरी भी बताया गया है। बिना कुछ भी काम किए अगर आप थक जा रहे हैं और आपको लग रहा है कि आपका शरीर साथ नहीं दे रहा है तो यह पोटेशियम की कमी हो सकती है।
तेज दिल की धड़कन को ना करें इग्नोर
धड़कन का अचानक से तेज हो जाना भी पोटेशियम की कमी का लक्षण है और यह आपके लिए हार्ट फेल का खतरा बढ़ा सकता है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करना आपके लिए रिस्की हो सकता है।
हाथ पैरों में झुनझुनी कमजोर दिल की बन सकती है वजह
अगर हाथ पैरों में झुनझुनी रहती है और अचानक से यह आपको बैचैन कर देती है तो सतर्क हो जाए। कभी कभार तो यह नॉर्मल है लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा है तो सावधान हो जाए।
कब्ज और पाचन की समस्या
अगर आपको कब्ज या फिर पाचन की समस्या रह रही है तो इसे हल्के में लेने की गलती आपके लिए दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ाने के लिए काफी है। इसे नजरअंदाज ना करें
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
