Assembly Elections 2026: रिकॉर्ड मतदान की ओर बढ़ रहे असम के सियासी समीकरण ने सभी को चौंकाया है। यहां की सभी 126 विधानसभा सीटों पर आज मतदान का दौर जारी है। केरलम में भी पोलिंग बूथ के बाहर मतदाताओं की कतारें लगी हैं। सुबह 9 बजे तक 16.23 फीसदी मतदान हुआ है। पुदुचेरी में भी मतदाता उत्साहित नजर आ रहे हैं।
केन्द्र शासित प्रदेश की सभी 30 विधानसभा सीटों पर कुल 17.41 फीसदी वोटिंग हुई है। मतदाताओं का ये उत्साह कई संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या तीनों चुनावी राज्यों में खेल बदलेगा? राजनीतिक दलों की ओर से जारी बयानबाजी के बीच इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।
असम से केरलम, पुदुचेरी तक मतदाताओं की कतार!
जिन राज्यों में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं उनमें असम प्रमुख है। यहां सुबह 9 बजे तक 17.87 फीसदी मतदाताओं ने वोट दिया है। आंकड़ा दर्शाता है कि कैसे मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान में शामिल हो रहे हैं। गुवाहाटी से जोरहाट, सिलचर समेत सभी प्रमुख शहरों में मतदाताओं की कतारें नजर आ रही हैं। राजनीतिक दल इसको देख कर चकमा खा रहे हैं।
State Assembly Elections | Approximate voter turnout as of 9 am –
Assam – 17.87%
Keralam – 16.23%
Puducherry – 17.41% pic.twitter.com/mvBsuPLbbS— ANI (@ANI) April 9, 2026
केरलम की स्थिति भी यही है। यहां की सभी 140 विधानसभा सीटों पर आज ही मतदान जारी है। सुबह 9 बजे तक 16.23 फीसदी मतदाताओं ने वोट दिया है। केरलम में एलडीएफ-यूडीएफ के बीच सीधी लड़ाई है। पुदुचेरी की बात करें तो यहां भी सुबह 9 बजे तक 17 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है। ये आंकड़े मतदाताओं का उत्साह दर्शा रहे हैं।
क्या मतदाताओं का रुख बदलेगा सियासी खेल?
इस सवाल का पुख्ता जवाब 4 मई को चुनावी नतीजों की घोषणा के साथ मिलेगा। दरअसल, जब मतदाता उत्साहित नजर आएं और मतदान प्रतिशत बढ़े तब या तो बदलाव की आंधी आती है या फिर वर्तमान सत्तारुढ़ दल के पक्ष में समीकरण तैयार होता है। हालांकि, ये नतीजों की घोषणा के साथ ही स्पष्ट होता है। उससे पूर्व महज कयासबाजी ही लगाई जा सकती है।
जब कांटे की टक्कर हो तब वोट प्रतिशत का विशेष महत्व हो जाता है। असम की बात करें तो यहां बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हैं। केरलम में एलडीएफ-यूडीएफ के बीच सीधी लड़ाई है। बीजेपी तीसरी मोर्चा के रूप में खुद को पेश कर रही है। पुदुचेरी में भी सत्ता पलटने के लिए तकरार जारी है। यही वजह है कि सुबह-सुबह शुरू हुए रिकॉर्ड मतदान पर लोगों की नजरें टिकीं हैं।
