Anurag Dhanda: बांग्लादेश द्वारा मंगला पोर्ट से जुड़े एक अहम प्रोजेक्ट में चीन की भागीदारी को लेकर भारत की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। दरअसल आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने इस मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है केंद्र सरकार पर तंज कसा है।
उन्होंने दावा किया कि भारत के पड़ोसी देशों में रणनीतिक परियोजनाएं लगातार चीन के हिस्से में जा रही हैं, जो भारत की विदेश नीति के लिए चिंता का विषय है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लगातार खटास देखी जा रही है।
Anurag Dhanda ने केंद्र सरकार पर कसा तंज
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “मोदी सरकार में लगातार भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को ज़बरदस्त धक्का लग रहा है।
मोदी सरकार में लगातार भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को ज़बरदस्त धक्का लग रहा है। हमारे हाथ से प्रोजेक्ट जाते जा रहे हैं और सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उन सब प्रोजेक्ट को चीन हथियाता जा रहा है। इससे पहले भी ईरान का चाबहार पोर्ट हमारे हाथ से निकल कर चीन को चला गया था। https://t.co/bXGfD70ukV
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) June 27, 2026
हमारे हाथ से प्रोजेक्ट जाते जा रहे हैं और सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उन सब प्रोजेक्ट को चीन हथियाता जा रहा है। इससे पहले भी ईरान का चाबहार पोर्ट हमारे हाथ से निकल कर चीन को चला गया था”।
क्यों खास था भारत के लिए मंगला पोर्ट?
मंगला पोर्ट बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है। यह केवल बांग्लादेश के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिहाज से भी रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगला पोर्ट के जरिए भारत के असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों तक सामान पहुंचाना आसान हो सकता है।
इससे परिवहन लागत और समय दोनों कम होते हैं। हालिया रिपोर्टों के बाद यह दावा किया गया कि मंगला पोर्ट से जुड़ी एक परियोजना में चीन को बढ़त मिली है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि अगर ऐसा हुआ है तो भारत इसपर क्या प्रतिक्रिया देता है और आगे की रणनीति क्या बनाता है।






