Bengal Assembly Election 2026: मतदान से कुछ ही दिनों पूर्व पश्चिम बंगाल में सियासी खलबली मची है। इसका प्रमुख कारण है एक ऑडियो क्लिप जिसमें कथित रूप से हुमायूं कबीर और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच वार्ता हुई है। ममता बनर्जी की टीएमसी ने ऑडियो क्लिप साझा करते हुए ‘आम आदमी उन्नयन पार्टी’ और बीजेपी के बीच 1000 करोड़ की डील करने का आरोप लगाया है।
हुमायूं कबीर पर मुस्लिम मतदाताओं को लामबंद करने का आरोप है, ताकि टीएमसी को नुकसान हो। इन आरोपों की वजह से बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच हलचल मची है। हुमायूं कबीर के सहयोगी रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने उनसे किनारा कर लिया है। टीएमसी के आरोपों के बाद ओवैसी की पार्टी मुखर है और इस कथित डील को लेकर निशाना साध रही है।
क्या है BJP-हुमायूं कबीर के बीच हुई कथित डील?
बंगाल की सत्तारुढ़ दल टीएमसी ने हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीएमसी के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक वीडियो साझा किया गया है।
Here is the EXPLOSIVE sting operation video that fully EXPOSES @BJP4India’s dirty conspiracy against Bengal.
In the video, Humayun Kabir openly admits that BJP PAID him ₹1,000 crore to mislead the minority community, and claims that senior BJP leaders like Himanta Biswa Sarma,… pic.twitter.com/yut8lhR6FS
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 9, 2026
वीडियो में कथित रूप से हुमायूं कबीर की वार्ता का जिक्र है। टीएमसी का आरोप है कि हुमायूं कबीर की पार्टी को भाजपा ने अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने के लिए 1000 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। आरोप के मुताबिक हिमंता बिस्वा सरमा, मोहन यादव जैसे बीजेपी नेता और पीएम कार्यालय इस साजिश में शामिल थे। इन आरोपों को लेकर खलबली मची है।
हुमायूं कबीर ने अपनी ‘आम आदमी उन्नयन पार्टी’ और बीजेपी के बीच डील को लेकर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि नवंबर 2019 से उनका किसी बीजेपी नेता से संपर्क नहीं रहा है। हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष और फिरहाद हकीम जैसे नेताओं पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से इन दावों से गुमराह न होने की अपील की है।
टीएमसी के आरोपों के बाद AIMIM ने काटा किनारा!
ममता बनर्जी की पार्टी ने हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके बाद पश्चिम बंगाल का सियासी समीकरण बदलता नजर आ रहा है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी के आरोपों को मद्देनजर रखते हुए हुमायूं कबीर से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। पार्टी के आधिकारिक हैंडल से इस संदर्भ में जानकारी दी गई है।
Humayun Kabir’s revelations have shown how vulnerable Bengal’s Muslims are. That AIMIM cannot associate with any statements where integrity of Muslims is brought into question. As of today, AIMIM has withdrawn its alliance with Kabir’s party. Bengal’s Muslims are one of the…
— AIMIM (@aimim_national) April 10, 2026
एआईएमआईएम का कहना है कि पार्टी ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं कर सकती जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। ऐसे में ये स्पष्ट है कि बंगाल का समीकरण बदल चुका है और आगे कुछ अन्य राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: डीएनपी इंडिया/लेखक किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अपने प्रतिद्वंदी दल पर लगाए आरोप की पुष्टि या समर्थन नहीं करता है। ये खबर आरोपों के आधार पर लिखी गई है।






