जनादेश को अस्वीकार कर क्या अपनी ही मुश्किलें बढ़ा रहीं Mamata Banerjee? मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया तो कैसे बदलेगा खेल?

बंगाल की जनता ने बीजेपी के पक्ष में जनादेश देकर इतिहास रचा है। Mamata Banerjee अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने की बात कर रही है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Mamata Banerjee

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mamata Banerjee: बंगाल की जनता इतिहास रचने में कामयाब हुई है। लगभग डेढ़ दशक तक बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस की विदाई हो चुकी है। 294 में से 207 विधानसभा सीटें जीत कर बीजेपी सरकार बनाने की स्थिति में है। हालांकि, ममता बनर्जी अभी जनादेश स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। बीते कल कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि टीएमसी को साजिश के साथ हराया गया है। ऐसे में वे इस्तीफा नही देंगे। ऐसा बोल कर ममता बनर्जी कानून को भी चुनौती दे रही हैं। सवाल है कि क्या वे अपनी ही मुश्किलें बढ़ा रही हैं? यदि ममता बनर्जी का इस्तीफा नहीं हुआ तो बंगाल की राजनीति में खेल कैसे बदलेगा? आइए इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।

जनादेश को अस्वीकार कर क्या अपनी ही मुश्किलें बढ़ा रहीं Mamata Banerjee?

इस सवाल को लेकर विशेषज्ञों के कई मत हैं। दरअसल, बंगाल की जनता ने बीजेपी को 207 सीटों पर विजयी बनाकर जनादेश उनके पक्ष में दिया है। 2011 से लगातार बंगाल की सत्ता में काबिज टीएमसी को इस बार हार मिली है। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर से चुनाव हार गई हैं। टीएमसी के 80 विधायक विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे हैं। हालांकि, टीएमसी चीफ जनादेश अस्वीकार करती नजर आ रही हैं।

ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नही देंगी। उनका आरोप है कि बंगाल में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन्हें चुनाव हराया गया है। यही वजह है कि चुनाव आयोग द्वारा घोषित परिणाम को वो अस्वीकार कर रही हैं। हालांकि, इससे उनकी ही साख पर डेंट लग रहा है। ममता बनर्जी जैसी दिग्गज जननेता का जनादेश पर सवाल उठाना उनकी ही मुश्किलें बढ़ा सकता है।

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया तो कैसे बदलेगा खेल?

बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े 207 उम्मीदवारों को विधानसभा भेज कर बंगाल की जनता ने अपना मन स्पष्ट कर दिया है। अब ये तय है कि बंगाल में बीजेपी की ही सरकार बनेगी और विधायक दल का नेता ही अगला सीएम होगा। इसके बावजूद ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने की बात कह रही हैं। यदि उनका इस्तीफा नहीं हुआ, तो बंगाल में एक और सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।

सियासी उठा-पटक के बीच राज्यपाल अनुच्छेद 164 के तहत राज्य में नया मुख्यमंत्री नियुक्त कर उसे शपथ दिलवा सकता है। इससे इतर ममता बनर्जी को बर्खास्त कर नई सरकार को शपथग्रहण के लिए न्यौता दिया जा सकता है। एक और विकल्प अनुच्छेद 356 है जिसके तहत राज्यपाल राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकता है। इन तमाम विकल्पों पर उठा-पटक होगी और ममता बनर्जी की साख दांव पर लगते हुए खेल बदलेगा।

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