Rahul Gandhi: पूर्वोत्तर में चुनाव की आहट अभी से मिलने लगी है। इस वर्ष असम में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां जोरों पर हैं। बीजेपी भी सत्ता वापसी को लेकर पूरा जोर कस रही है। इस बीच गणतंत्र दिवस से जुड़ी एक तस्वीर असम में राजीतिक गहमा-गहमी बढ़ा रही है। बीजेपी का आरोप है कि गणतंत्र दिवस पर राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट थीम का अपमान किया है।
राहुल गांधी गले में असमिया गमछा डाले बगैर ही राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम कार्यक्रम’ का हिस्सा बनने पहुंच गए। इसको लेकर सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी नेता प्रतिपक्ष को घेर रही है। इसे असमी संस्कृति का अपमान बताया जा रहा है। सवाल है कि क्या राहुल गांधी पर लग रहे आरोपों का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा? तो आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ते हुए हालिया घटनाक्रम की चर्चा करते हैं।
नॉर्थ ईस्ट थीम के अपमान के आरोप में BJP ने Rahul Gandhi को घेरा!
असम की सत्तारुढ़ दल बीजेपी ने राहुल गांधी पर नॉर्थ ईस्ट थीम का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्हें घेरा है। खुद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इस प्रकरण में तल्ख प्रतिक्रिया दी है।
Rahul Gandhi has repeatedly refuse to wear North East’s traditional attires. Earlier it was the traditional Assamese Gamosa, now the Patka. This is not a small issue, it is a symbol of disrespect towards the culture, identity, and emotions of the people of North East. When… https://t.co/fPqo0V2zeL
— BJP Assam Pradesh (@BJP4Assam) January 26, 2026
बीजेपी का कहना है कि “राहुल गांधी ने बार-बार पूर्वोत्तर के पारंपरिक परिधान पहनने से इनकार किया है। यह कोई मामूली मुद्दा नहीं है, बल्कि पूर्वोत्तर की संस्कृति, पहचान और भावनाओं के प्रति अनादर का प्रतीक है। जब इस क्षेत्र के नेता और यहां तक कि सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति उन्हें पारंपरिक परिधान पहनाकर सम्मानित करते हैं, तो उनका इनकार करना एक स्पष्ट और आहत करने वाला संदेश देता है। असम कांग्रेस के नेता चुप क्यों हैं? कोई माफी या स्पष्टीकरण क्यों नहीं है? असम के लोगों को जवाब चाहिए। जब हमारी संस्कृति का बार-बार अपमान हो रहा है, तब चुप रहकर आप पूर्वोत्तर का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं कर सकते।”
Take a look at the picture below.
Northeastern culture deserves dignity and respect in every public setting.And by that standard, Rajnath Singh should be held accountable first, unless BJP has one rule for others and another for its own leaders?
Also, PM Modi visited Assam… https://t.co/6dkmGY1ENC pic.twitter.com/xkqZyt2MDp
— Assam Congress (@INCAssam) January 26, 2026
हालांकि. कांग्रेस ने राहुल गांधी पर लग रहे आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। असम कांग्रेस के हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “पूर्वोत्तर की संस्कृति सार्वजनिक मंच पर गरिमा और सम्मान की हकदार है। इस मानक के अनुसार, राजनाथ सिंह को सबसे पहले जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा का नियम दूसरों के लिए अलग और अपने नेताओं के लिए अलग हो? इसके अलावा, हमारे प्रिय जुबीन दा के निधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने असम का कई बार दौरा किया। फिर भी उन्होंने कभी परिवार से मुलाकात नहीं की। क्या प्रधानमंत्री इस क्षेत्र के प्रतीक का अपमान करने के लिए माफी मांगेंगे?”
इस प्रकरण को लेकर सियासी पारा हाई है और गमछा पर राजनीतिक गहमा-गहमी देखने को मिल रही है।
क्या आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा असर?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, असम में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस जोर कस रही है। बीजेपी जहां एक बार फिर सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरेगी, तो वहीं कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को असम चुनाव का प्रभारी बनाकर ताल ठोंक दी है। ऐसे में राहुल गांधी पर नॉर्थ ईस्ट थीम का अपमान करने का आरोप चुनावी समीकरण को प्रभावित करेगा, ये दूर की कड़ी लगती है। हां, ये जरूर है कि बीजेपी इसे मुखरता से मुद्दा बनाते हुए भुनाने की कोशिश करेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि गौरव गोगोई के नेतृत्व वाली असम कांग्रेस कैसे इस चुनौती से पार पाती है और इसका चुनाव पर क्या असर पड़ता है।
