Shashi Tharoor: बागी रुख के लिए अपनी छाप छोड़ चुके सांसद थरूर ने फिर एक बार पार्टी लाइन से हटकर अपनी राय रखी है। जहां एक ओर कांग्रेस के साथ पूरा विपक्ष इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारत की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है। वहीं शशि थरूर ने इसे जायज़ ठहराते हुए भारतीय डिप्लोमेसी की तारीफ की है।
सांसद शशि थरूर ने साफ तौर पर कहा है कि जो लोग मिडिल ईस्ट प्रकरण पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। वे डिप्लोमेसी की मुश्किलों को नहीं समझ रहे। ये कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व यानी सोनिया गांधी, राहुल गांधी को दी गई नसीहत के समान है, जो इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठे चुके हैं।
इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारत की चुप्पी पर Shashi Tharoor की दो टूक!
पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच भारत राष्ट्रहित में कदम बढ़ा रहा है। जहां एक ओर दुनिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तबाही का मंजर झेल रही है। वहीं भारत वार्ता के जरिए कच्चे तेल और एलपीजी लदे जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से निकाल रहा है। ये भारत की सधी विदेश नीति का पुख्ता प्रमाण है। शशि थरूर ने भी इशारों-इशारों में इसकी तारीफ की है।
कांग्रेस सांसद ने उन तमाम लोगों को आईना दिखाया है जो इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारत की चुप्पी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शशि थरूर ने कहा है कि “जो लोग सरकार की चुप्पी को कायरता कह रहे हैं, वो डिप्लोमेसी की मुश्किलों को नहीं समझ रहे हैं। मल्टी अलाइनमेंट के इस दौर में सभी शक्तियों के साथ संतुलन बनाना ही भारत के हित में है।”
“मिडिल-ईस्ट पर सरकार की चुप्पी जिम्मेदारी वाली स्ट्रैटेजी है….”
◆ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अखबार में लेख लिखते हुए कहा@ShashiTharoor | Shashi Tharoor | #ShashiTharoo pic.twitter.com/wF1B7WBTEF
— News24 (@news24tvchannel) March 19, 2026
दरअसल, राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी व कांग्रेस के अन्य तमाम नेता भारत की चुप्पी पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। सोनिया गांधी ने तो आयातुल्ली अली खामेनेई की मौत पर पीएम मोदी की चुप्पी को लेकर लेख साझा किया था। ऐसे में मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष के बीच शशि थरूर की तल्ख प्रतिक्रिया राहुल गांधी समेत कई नेताओं के लिए आईना मानी जा रही है।
पार्टी लाइन से हटकर कांग्रेस सांसद ने रखे विचार!
जहां एक ओर पूरी कांग्रेस पश्चिम एशिया की हालिया स्थिति का जिक्र कर भारत सरकार को घेरने में जुटी है। वहां सांसद शशि थरूर ने पार्टी लाइन से हटकर अपने विचार साझा किए हैं। इंडियन एक्सप्रेस में छपे लेख में शशि थरूर ने मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष के बीच भारत की चुप्पी का समर्थन किया है। कांग्रेस सांसद का ये कहना कि “मैं इस संघर्ष पर सरकार की चुप्पी की निंदा नहीं करूंगा” उनकी स्पष्टता को दर्शाता है।
कांग्रेस जहां पूरी ऊर्जा के साथ सरकार को घेर रही है। वहां सांसद थरूर ने भारत की चुप्पी को लेकर सरकार पर निशाना साधने से इंकार कर दिया है। ये शशि थरूर के पार्टी लाइन से हटकर रखे गए विचारों को दर्शाता है। इससे पूर्व भी कई मौकों पर थरूर कांग्रेस आलाकमान से इतर अपने हिस्से का पक्ष रखते हुए सुर्खियों का केन्द्र बन चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर उनकी तमाम राय उनमें से एक है।
