मुख्यमंत्री बनते ही DK Shivakumar को इन चुनौतियों का करना होगा सामना! कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के क्या है सियासी मायने, जानें सबकुछ

DK Shivakumar: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद डीके शिवकुमार के सामने कौन-कौन सी बड़ी चुनौतियां होंगी? जानिए कांग्रेस की, राजनीतिक समीकरण।

DK Shivakumar

फाइल फोटो

DK Shivakumar: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। जी हां आपने सही सुना, हालांकि इस परिवर्तन में भी मुख्यमंत्री कांग्रेस का रही रहेगा। बीते कई दिनों से कर्नाटक की राजनीति में बवाल मचा हुआ था। हाल ही में कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्दरमैया और उप-मुख्यमंत्री डी शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे।

दोनों राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खरगे और अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। 2.5-2.5 साल के फॉर्मूला के तहत सिद्दरमैया की जगह DK Shivakumar कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। हालंकि नए मुख्यमंत्री के यह रास्ता नहीं होने वाला है, क्योंकि उनके पास केवल 2 साल की ही समय बच गया है। आईए समझते है इसके मायने।

इस्तीफे के बाद सिद्दरमैया ने किया ट्वीट

बता दें कि सिद्दरमैया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “आज मैं लोक भवन गया और राज्यपाल की अनुपस्थिति में राज्यपाल के विशेष सचिव को मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंप दिया। एक छोटे से गाँव में जन्मा और पला-बढ़ा होने के नाते, मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन मैं विधायक, मंत्री, विपक्ष का नेता बनूँगा और दो बार कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनूँगा। यह विशाल सपना बाबासाहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर द्वारा रचित संविधान के कारण ही संभव हो पाया।

बुद्ध, बसवन्ना, बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी ने हमेशा मुझे मार्ग दिखाया है। अपने अड़तालीस वर्षों के सार्वजनिक जीवन में, मैंने हमेशा ईमानदारी से गरीबों, शोषितों, उपेक्षितों और समाज में अवसरों से वंचित लोगों के साथ खड़े रहने का प्रयास किया है। यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा संतोष है”।

मुख्यमंत्री बनते ही DK Shivakumar के सामने होंगी ये चुनौतियां

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद DK Shivakumar के पास कई प्रकार की चुनौतियां होगी। सरकार और पार्टी संगठन के बीच संतुलन बनाने की होगी। इसके साथ ही कांग्रेस लंबे समय से गुत्बाजी की समस्या से जूझती रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार को पार्टी के सभी नेताओं को साथ लेकर चलना होगा। इसके अलावा किए गए विकास के वादों को भी जल्द ही पूरा करना होगा, क्योंकि शिवकुमार के पास केवल 2 साल की ही समय बच गया है।

इस दौरान उन्हें कई अहम फैसले लेने होंगे। कर्नाटक की राजनीति में भ्रष्टाचार हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है। जनता अब नई सरकार से पारदर्शी प्रशासन की उम्मीद कर रही है। गौरतलब है कि DK Shivakumar कांग्रेस के लिए कई मायनों में बेहद ही महत्वपूर्ण है। कई बार उन्होंने पार्टी को मुश्किल दौर से निकालने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा शिवकुमार सीएम बनने के बाद कैसे फैसले लेते है।

 

 

Exit mobile version