Jharkhand News: झारखंड में फिल्म और मनोरंजन उद्योग को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने राज्य में फिल्म से जुड़े युवाओं को बेहतर अवसर देने और फिल्म इंडस्ट्री के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच अहम समझौता हुआ था।
सरकार के मुताबिक, इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के होनहार और रचनात्मक युवाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना है। मशहूर फिल्म एडिटर एवं फिल्मकार असीम सिन्हा ने सूचना भवन में झारखंड फिल्म विकास निगम लिमिटेड (जेएफडीसीएल) द्वारा आयोजित “मीट द मेंटर” कार्यक्रम में यह बात कही।
सीएम हेमंत सोरेन सरकार के प्रयासों का दिखा असर
आईपीआरडी झारखंड ने अपने सोशल मीडिया मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जाननकारी देते हुए लिखा कि झारखंड में फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने की पूरी संभावना है। मशहूर फिल्म एडिटर एवं फिल्मकार असीम सिन्हा ने सूचना भवन में झारखंड फिल्म विकास निगम लिमिटेड (जेएफडीसीएल) द्वारा आयोजित “मीट द मेंटर” कार्यक्रम में यह बात कही।
झारखंड में फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने की पूरी संभावना है। मशहूर फिल्म एडिटर एवं फिल्मकार असीम सिन्हा ने सूचना भवन में झारखंड फिल्म विकास निगम लिमिटेड (जेएफडीसीएल) द्वारा आयोजित “मीट द मेंटर” कार्यक्रम में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि झारखंड में सिनेमा के विकास के लिए केवल… pic.twitter.com/C0m1yOlxSg
— IPRD Jharkhand (@prdjharkhand) August 22, 2026
उन्होंने कहा कि झारखंड में सिनेमा के विकास के लिए केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि मजबूत फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देना जरूरी है। स्थानीय भाषा, कला और कलाकारों को प्राथमिकता देकर झारखंड की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।
सीड फंडिंग, मजबूत स्क्रिप्ट मूल्यांकन महत्वपूर्ण
असीम सिन्हा ने सीड फंडिंग, मजबूत स्क्रिप्ट मूल्यांकन और निरंतर मेंटरिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अपने फिल्मी सफर और तकनीकी बदलावों के अनुभव साझा किए। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से झारखंड के उभरते फिल्मकारों को नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी। प्रस्तावित संस्थान में शुरुआत में कई शॉर्ट-टर्म प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जाने की योजना है।
इनमें साउंड डिजाइन, एडिटिंग, एनीमेशन, स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले राइटिंग, सिनेमैटोग्राफी, निर्देशन और फिल्म प्रोडक्शन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। राज्य सरकार के अनुसार, झारखंड में प्रतिभाशाली फिल्मकारों और क्रिएटिव युवाओं की कमी नहीं है। जरूरत ऐसे प्लेटफॉर्म की है, जहां उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और इंडस्ट्री से जुड़ने के अवसर मिल सकें।







