H1N1: मानसून में अलग-अलग वायरल इन्फेक्शन का दौर जारी रहता है। वहीं इस सबके बीच दिल्ली में फिलहाल H1N1 का खतरा देखा जा रहा है। मामले लगातार बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं वहीं। इस सबके बीच जिद्दी सर्दी खांसी और बुखार को क्या काढा पीकर खत्म किया जा सकता है। इस बारे में बात करते हुए आखिर डॉक्टर ने लोगों को क्या जानकारी दी है और कैसे आप अपना ध्यान रख सकते हैं। आइए जानते हैं एक्सपर्ट ने क्या कहा है। अगर आपके भी परिवार में किसी को तेज बुखार, छाती में जकड़न, सर्दी जुकाम और बदन में दर्द से कोई परेशानी है तो आइए जानते हैं क्या करें।
कब काढा नहीं कर सकता है काम
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एक्सपर्ट ने इस वीडियो में कहा कि क्या आपके घर में कोई ऐसा है जो बीमार है और उसका कफ और खांसी जा ही नहीं रहा है। जुकाम और छाती में जकड़न जैसे समस्याएं हो रही है तो काढ़ा पीने से क्या यह खत्म हो जाएगा। अगर बुखार 102 तक बढ़ रहा है और आपको बहुत ज्यादा थकान हो रही है। सांस फूल रहा है ठीक हो जाएगा। काढ़े वाली जिद को छोड़ देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा क्योंकि नॉर्मल h1n1 सेकेंडरी चेस्ट इन्फेक्शन में बदल सकता है।
क्यों काढा पीना है H1N1 स्वाइन फ्लू में खतरनाक
ऐसे में एक्सपर्ट ने यह बताया कि अगर आप वायरल इंफेक्शन को इग्नोर कर रहे हैं और आपको लगता है कि सिर्फ काढ़ा पीने या घरेलू उपचार से यह ठीक हो जाएगा तो आप शायद गलत है। यह आगे चलकर आपके लिए सेकेंडरी चेस्ट इंफेक्शन की वजह बन सकती है। ऐसे लोगों को खतरा ज्यादा है जिसमें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई और बीमारियां है।
क्या होते हैं H1N1 स्वाइन फ्लू के गंभीर लक्षण
अगर H1N1 स्वाइन फ्लू के लक्षण की बात करें तो सर्दी जुकाम जैसे खतरे की शुरुआती लक्षण होते हैं। तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश और बहुत ज्यादा कमजोरी होना शामिल है। ऐसे में शरीर में दर्द, मांसपेशियों में जकड़न, सिर दर्द अत्यधिक थकान और कमजोरी, नाक बहना शामिल है। सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या भारीपन होता है। चेहरे का नीला पड़ जाना, चक्कर आना या बेहोशी आना भी हो सकता है।
क्यों फैल सकता है H1N1
H1N1 एक प्रकार का इनफ्लुएंजा वायरस है जिसमें आम तौर पर संक्रमित व्यक्ति के खासने, छींकने या हवा में मौजूद कनों से एक दूसरे में फैला है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







