Kerala CM Race: दक्षिण में एक मात्र वाम दलों का गढ़ रहे केरल से पिनराई विजयन की विदाई हो गई है। केरल की जनता ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ के पक्ष में जनादेश दिया है। 140 में से 63 सीटें जीत कर कांग्रेस केरल की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। यूडीएफ ने 102 सीटों के साथ केरल में बंपर जीत हासिल की है जिसके बावजूद कांग्रेस आलाकमान की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
ये तय है कि केरल में अगला सीएम कांग्रेस से ही होगा। हालांकि, कौन नई सरकार का नेतृत्वकर्ता होगा इसको लेकर संशय बरकरार है। पोस्टर वॉर का दौर भी जारी है जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला जैसे मजबूत दावेदारों के नाम खबरों मे हैं। पूछा जा रहा है कि इनमें बाजी कौन मार सकता है?
CM पद की दावेदारी को लेकर पोस्टर वॉर के बीच कौन मारेगा बाजी?
केरल में मुख्यमंत्री चयन को लेकर अभी से पोस्टर वॉर का दौर जारी है। केरल के कोट्टायम में केसी वेणुगोपाल का एक पोस्टर नजर आया जिसमें उन्हें नए सीएम के रूप में दर्शाया गया था। उनके पोस्टर पर फिर बाद में काली स्याही पोती गई। यूडीएफ की बंपर जीत के बाद ये प्रकरण केरल में पोस्टर वॉर की कहानी बयां करता है। कई नेताओं के नाम हैं जिन पर चर्चा चल रही है। केसी वेणुगोपाल दिल्ली के करीबी माने जाते हैं।
रमेश चेन्निथला कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में एक हैं और केरल में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। वीडी सतीशन का नाम भी केरल सीएम रेस के लिए आगे है। वे वर्तमान में विपक्ष के नेता रहे और उनकी नेतृत्व में यूडीएफ को 102 सीटें मिलीं। इससे इतर शशि थरूर व कुछ अन्य नेताओं के नाम पर भी चर्चा है। हालांकि, अंतिम बाजी किसके पक्ष में जाएगा ये आलाकमान की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
UDF की बंपर जीत के बाद भी बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें!
कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने केरल में बड़ी जीत दर्ज की है। 140 में से 102 सीटों पर जीतना यूडीएफ की लहर को दर्शाता है। इस बड़ी जीत के बावजूद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कांग्रेस में अंदरखाने मुख्यमंत्री पद के लिए लॉबिंग का दौर शुरू है। केसी वेणुगोपाल का पोस्टर लगना और फिर उस पोस्टर पर काली स्याही गिरना लॉबिंग का प्रमाण है।
एलडीएफ की विदाई के साथ केरल में बदल रहा समीकरण कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सीएम पद के लिए किसी एक नेता का चयन होने पर अंदरखाने असंतोष देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान केरल में मुख्यमंत्री चुनने को बड़ी चुनौती मान रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि संकट की नैया कैसे पार होती है।






