Mamata Banerjee और Uddhav Thakre के बागी सांसदों ने इस वजह से किया किनारा, बीजेपी के प्लान से हड़कंप, जानें सबकुछ

Mamata Banerjee: बीजेपी के नए प्लान ने विपक्षी पार्टियों में हलचल मचा दी है। विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी पूरी तरह से टूट चुकी है।

Mamata Banerjee

फाइल फोटो

Mamata Banerjee: मानसून सत्र से पहले कई राजनीति पार्टियों में हलचल मची हुई है। बता दें कि पिछली बार परसिमन बिल संसद में पास नहीं हो पाया था। जिसकी वजह से बीजेपी के नए प्लान ने विपक्षी पार्टियों में हलचल मचा दी है। विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी पूरी तरह से टूट चुकी है। पहले 60 से अधिक बागी विधायकों ने ममता दीदी का साथ छोड़ा, तो साथ ही 20 से अधिक सांसद भी बागी हो गए और एनडीए का समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।

इसके अलावा अब उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) में फूट देखने को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक करीब 5 सांसद शिवसेना का साथ छोड़ सकते है। जिसने उद्धव गुट में हलचल मचा दी है। इसके अलावा कई बीजेपी नेता सपा और कांग्रेस में भी फूट को लेकर जानकारी दे रहे है। यानि यह कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी का प्लान अभी तक सही जा रहा है।

उद्धव ठाकरे को क्यों लगा बड़ा झटका?

महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के पार्टी लाइन से अलग जाने की खबरों ने उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई सांसदों का मानना है कि विपक्ष में रहने के कारण उनके क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सत्ता पक्ष के साथ रहने से उन्हें अधिक राजनीतिक प्रभाव मिल सकता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दावा किया कि शिवसेना की असली ताकत अब  एकनाथ  शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के साथ है और उद्धव गुट के कई सांसद उनके संपर्क में हैं। यानि यह तो साफ है कि बीजेपी अपने प्लान में आगे बढ़ रही है। वही अब देखने होगा कि अब उद्धव ठाकरे इस परिस्थिति से कैसे निपटते है।

बीजेपी का क्या है प्लान?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी 2027 और उससे आगे के चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी दलों के प्रभावशाली नेताओं और सांसदों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। महाराष्ट्र में शिंदे गुट की मजबूती और बंगाल में विपक्षी खेमे की कमजोरी बीजेपी के लिए अवसर के रूप में देखी जा रही है। इसके अलावा संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमे बीजेपी कई महत्वपूर्ण बिल लाने जा रही है। बता दें कि इसमे जिस बिल की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है परसिमन और महिला आरक्षण बिल।

यही कारण है कि लगातार बीजेपी विपक्षी पार्टियों के सांसदों के संपर्क में है। खबर तो यह भी है कि डीएमके के सांसद भी बीजेपी का समर्थन कर सकते है। वहीं आकंड़े की बात करें को बीजेपी को करीब 362 सासंदों की जरूरत होगी। इस बिल को पास करने के लिए। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बीजेपी का अगला टारगेट क्या होता है।

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