Mohan Bhagwat: जेन-जी को अपने पक्ष में करने के लिए सभी पार्टियां उनसे बातचीत में लगी हुई है। 2029 तक जेन-जी वोटरों की संख्या काफी अधिक हो जाएगी। यही कारण है कि कोई भी पार्टी जेन-जी को नाराज नहीं करना चाहती है। इसी बीच आरएसएस प्रमुख Mohan Bhagwat ने जेन-जी से बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसी बीच उन्होंने पाकिस्तान पर भी अपनी टिप्पणी दी, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। चलिए आपको बताते है इससे प्रमुख बातें।
पाकिस्तान को लेकर क्या बोले Mohan Bhagwat?
सिविल सोसाइटी को पाकिस्तान और चीन में छात्रों या आम सिविल सोसाइटी से संबंध बनाए रखने चाहिए, उन्हें आमंत्रित करना चाहिए और उनसे बातचीत करनी चाहिए। इसपर आरएसएस प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि “मैंने आपसे कहा था कि टकराव के समय में नहीं।
Mumbai, Maharashtra: When asked should civil societies maintain ties with students or regular civil society in Pakistan and China, invite them, and have conversations, RSS Chief Mohan Bhagwat says, “Not during times of conflict, I told you. Conflict is a military war or even… pic.twitter.com/ddGX9GXDpI
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
टकराव का मतलब है मिलिट्री वॉर या आतंकवाद, यह भी एक तरह का टकराव ही है। यह आतंकवाद सिर्फ़ कट्टरपंथी गुटों का आतंकवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरी विचारधारा है। और इसके पीछे एक पॉलिसी भी है। ‘हज़ार घाव’ वाली पॉलिसी। इसलिए यह एक छिपा हुआ युद्ध है। इसलिए हमें इससे उसी तरह निपटना होगा।
100 साल से भी कम समय पहले पाकिस्तान भारत ही था। यह बात नहीं भूलनी चाहिए। . यह सच नहीं है कि पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन हैं। और न ही यह सच है कि भारतीय पाकिस्तानियों के दुश्मन हैं। देश, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ भी जीवन का हिस्सा हैं। इसलिए टकराव के समय हम अपनी सरकार के साथ खड़े होते हैं”। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से ही आरएसएस को गलत नजरिए से देखता है।
जेन-जी को लेकर क्या बोले सरसंघचालक?
जेन-जी से बातचीत के दौरान सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने कहा कि “मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि अगर ‘जेन जी किसी आंदोलन में शामिल होती है, तो वे देश-विरोधी नहीं हैं। वे हमारे ही लोग हैं। वे हमारी अगली पीढ़ी हैं। बातचीत के लिए अपनापन और आपसी सम्मान की भावना ज़रूरी है।
VIDEO | Mumbai: On being asked about protests and concerns that protesters may be labelled “anti-national”, RSS chief Mohan Bhagwat, while addressing Gen Z and Gen Alpha, says, “…I want to make it clear that if Gen Z engages in any agitation, they are not anti-national. They… pic.twitter.com/XWU9coSnTg
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
हमें एक-दूसरे को समझने और सम्मान देने की ज़रूरत है। तभी सार्थक बातचीत हो सकती है, जिसमें हम उनकी चिंताओं को समझें और वे हमारे नज़रिए को समझें। ऐसा ही होना चाहिए। मेरा मानना नहीं है कि ‘जेन ज़ेड’ या युवा पीढ़ी ऐसी है”। मेरा मानना है कि आज की युवा पीढ़ी जेन-जी और जेन अल्फा मौजूदा पीढ़ी की तुलना में ज़्यादा ईमानदार है।







