मानसून सत्र से पहले क्या बीजेपी की बढ़ेगी मुश्किलें, Sonam Wangchuk के मुद्दे पर विपक्ष हुआ एकजुट, जानें सबकुछ

Sonam Wangchuk: संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले केंद्र सरकार के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं।

Sonam Wangchuk

फाइल फोटो

Sonam Wangchuk: संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले केंद्र सरकार के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें कि दिल्ली में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। बीते दिन दिल्ली पुलिस की तरफ Sonam Wangchuk को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। जिसके बाद से मामला और गरमा गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।

वहीं आगामी 20 जुलाई से संसद का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। और सीजेपी की तरफ से ही 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है।

मानसून सत्र से पहले विपक्ष हुआ एकजुट

सीजेपी के बैनर तले बीते 21 दिन से Sonam Wangchuk दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। हालांकि पुलिस ने बीते दिन डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद अखिलेश यादव, राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस  मामले पर केंद्र सरकार के घेरने की कोशिश की है। आखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि

“श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी”।

राहुल गांधी ने भी दी प्रतिक्रिया

बता दें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना, जबकि वे अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, गलत है।

पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती”।

मानसून सत्र में सरकार की बढ़ सकती है मुश्किल

सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में भी विपक्ष ने सोनम वांगचुक का मुद्दा उठाने के संकेत दिए हैं। इसके अलावा NEET, विभिन्न राज्यों के राजनीतिक मुद्दे और अन्य विवादित विषय भी विपक्ष के एजेंडे में शामिल हैं। ऐसे में सरकार के लिए सदन को सुचारु रूप से चलाना आसान नहीं माना जा रहा।

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