Pappu Yadav Arrest: सीमांचल की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भारी संख्या में लोग पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं। दरअसल, 31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट के आदेश पर पटना की गर्दनीबाग पुलिस ने पप्पू यादव को बीती रात गिरफ्तार किया। इसकी खबर सुनते ही पूर्णिया से लेकर कटिहार, किशनगंज, अररिया समेत अन्य कई जिलों में समर्थक सड़क पर उतर गए हैं। पप्पू यादव के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें षडयंत्र के तहत गिरफ्तार किया गया है। इधर पटना में भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर उबाल है। सवाल है कि क्या आगे पूर्णिया सांसद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं? तो आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।
पूर्णिया सांसद की गिरफ्तारी की खबर सुन सड़क पर उतरे समर्थक!
कटिहार से पूर्णिया, अररिया, किशनगंज तक पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर उबाल है। पूर्णिया सांसद के समर्थक गंभीर आरोपों के साथ सड़कों पर उतरे हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। दरअसल, बीते कल की रात पटना की गर्दनीबाग पुलिस ने पप्पू यादव को आईपीसी की धारा 468, 506 और 120बी के तहत 1995 में दर्ज एक मामले के संबंध में गिरफ्तार किया था। इसके बाद आज उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है। इसको लेकर उठा-पटक की स्थिति है और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
क्या बढ़ सकती हैं पप्पू यादव की मुश्किलें?
बजट सत्र की कार्यवाही में शामिल होने के बाद पटना लौटे पप्पू यादव ने कल्पना भी नहीं की होगी कि 6 फरवरी की रात वे हिरासत में गुजारेंगे। हालांकि, ऐसा ही हुआ और गर्दनीबाग पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पूरा मामला 1995 से जुड़ा है जब गर्दनीबाग थाना में पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर लेकर उसे पप्पू यादव ने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया है। इस मामले में कोर्ट ने बार-बार समन भेजा लेकिन पूर्णिया सांसद ने उसे नजरअंदाज किया। अब अंतत: उनकी गिरफ्तारी हुई है। ये दर्शाता है कि पप्पू यादव की मुश्किलें निकट भविष्य में बढ़ सकती हैं और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।






