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Russia-Ukraine War के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शांति प्रस्ताव पारित, जानिए भारत ने प्रस्ताव से क्यों बनाई दूरी?

Russia-Ukraine War: रुस-यूक्रेन युद्ध के एक साल पूरे हो जाने के अवसर पर आज संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन में न्यायसंगत,व्यापक और स्थायी शांति की स्थापना के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव को पास करने के लिए मतदान का सहारा लिया गया। प्रस्ताव के लिए वोटिंग के समय भारत गैर-हाजिर ...

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By: Hemant Vatsalya

Published: फ़रवरी 24, 2023 12:15 अपराह्न

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Russia-Ukraine War: रुस-यूक्रेन युद्ध के एक साल पूरे हो जाने के अवसर पर आज संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन में न्यायसंगत,व्यापक और स्थायी शांति की स्थापना के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव को पास करने के लिए मतदान का सहारा लिया गया। प्रस्ताव के लिए वोटिंग के समय भारत गैर-हाजिर रहा। इसके साथ-साथ चीन सहित 32 देश भी इस प्रस्ताव की वोटिंग में गैर हाजिर रहे। इस प्रस्ताव के पक्ष में जहां 141 देशों ने समर्थन किया वहीं 7 देशों ने विरोध में मतदान किया। आपको बता दें एक साल बीत जाने के बाद भी दोनों राष्ट्र प्रमुख पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे। ऐसे में ये युद्ध अभी थमने के कोई भी आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।

यूक्रेन ने किया था वोटिंग का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के इस शांति प्रस्ताव पर वोटिंग से दो दिन पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने की ओर से यूएन में लाए जाने वाले इस शांति प्रस्ताव के मसौदे के लिए भारत से सहयोग मांगा था। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख आंद्रे यरमाक ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से कहा था कि वह मानता है कि आज के परिपेक्ष्य में भारत दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है और हम मानते है कि भारत इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा। यरमाक ने डोभाल के सामने स्पष्ट किया था कि एक तरफ रुस का सामना करता रहेगा वहीं इस 10 बिंदुओं पर आधारित शांति प्रस्ताव के फॉर्मूले को आगे बढ़ाता रहेगा। जिससे कि इस युद्ध का एक न्यायसंगत हल निकालने की दिशा में कदम उठाए जा सके।

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जानें भारत क्यों रहा वोटिंग से गैर हाजिर

यूएन में वोटिंग से पहले भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने अपने देश का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत यूएन चार्टर के सभी नियमों का सम्मान करता है और पालन करता है। इसके अनुरुप हम हमेशा ही कहते कि इस तरह के गंभीर मामलों में दो देशों को कूटनीतिक संवाद के माध्यम से रास्ता निकालना चाहिए। हम हमेशा से संकल्प के घोषित लक्ष्यों के उद्देश्यों का ध्यान रखते हैं। हमारा मानना है कि 1945 में युद्ध की विभीषिका से दुनिया को बचाने के लक्ष्य को लेकर बनाई गई यह संस्था क्या आज की समकालीन चुनौतियो का सामना करने के लिए कितना सक्षम है।  

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Hemant Vatsalya

Hemant Vatsalya Sharma DNP INDIA HINDI में Senior Content Writer के रूप में December 2022 से सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने Guru Jambeshwar University of Science and Technology HIsar (Haryana) से M.A. Mass Communication की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने Delhi University के SGTB Khalasa College से Web Journalism का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है। पिछले 13 वर्षों से मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं।
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